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ज्योति पाण्डेको गिरफ्तारी और स्मार्ट टेलिकम की संपत्ति नीलामी मामले में दो नियामक संस्थाओं के बीच विवाद

स्मार्ट टेलिकम जनाउने साङ्केतिक तस्बिर

तस्विर स्रोत, Smart Telecom

सरकार के नियंत्रण में लिए गए एक दूरसंचार सेवा प्रदाता की संपत्ति गैरकानूनी तरीके से किसी अन्य को बेचने के आरोप में नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योति प्रकाश पाण्डे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मामले पर दो अलग-अलग नियामक निकायों के बीच विवाद शुरू हो गया है।

नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नियामक निकाय द्वारा किसी भी सेवा प्रदाता की संपत्ति पर नियंत्रण लेकर मूल्यांकन सहित प्रक्रिया जारी होने के दौरान अचानक नीलामी होना गैरकानूनी है। वहीं, कुछ बैंक पेशेवरों का कहना है कि ऋण वसूली के दौरान बैंक को रखी गई संपत्ति की नीलामी करने का अधिकार होना चाहिए और इसके लिए बैंक के सीईओ की गिरफ्तारी चिंता का विषय है।

नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक ने स्मार्ट टेलिकम की चल-अचल संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया में पंजीकृत अन्य दूरसंचार प्रदाता एनसेल को लगभग साढ़े ४ अरब रुपए में बेचा था, यह विवरण हाल ही में मीडिया में सार्वजनिक हुए थे।

इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने ठगी एवं विश्वासघात के आरोप में उक्त बैंक के सीईओ ज्योति प्रकाश पाण्डे को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

सीईओ पाण्डे को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने स्मार्ट टेलिकम से जुड़े सर्वेश जोशी, पलिना श्रेष्ठ और नरेन्द्र उलाक नामक तीन अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार कर लिया था।

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