
धनगढी में ‘सुदूरपश्चिम कचहरी, २०८३’ कार्यक्रम का उद्घाटन
२ जेठ, कैलाली। धनगढी में ‘सुदूरपश्चिम कचहरी, २०८३’ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। सुदूरपश्चिम विकास फाउन्डेशन के आयोजन में और प्रदेश नीति तथा योजना आयोग के समन्वय में दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन सुदूरपश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह ने किया है। मुख्यमंत्री शाह ने समृद्ध सुदूरपश्चिम के निर्माण के लिए युवाओं को रोजगार और आय अर्जन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने प्रदेश की उपलब्ध संभावनाओं का उपयोग करने पर ज़ोर देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्पष्ट और क्रियान्वयन योग्य योजनाएँ जरूरी हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में गरीबी, बेरोजगारी, कमजोर बुनियादी ढांचा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में असमान पहुंच, युवा पलायन तथा नीति कार्यान्वयन की चुनौतियां आज भी विद्यमान हैं। ‘‘चर्चा और उसके निष्कर्ष सरकार को नीतिगत सुधार के सुझाव प्रदान करेंगे, ऐसी आशा है’’ मुख्यमंत्री शाह ने कहा। कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजेन्द्रसिंह रावल ने कहा कि सुदूरपश्चिम में पर्याप्त संभावनाएं होने के बावजूद प्रदेश समृद्धि की दिशा में तेजी से नहीं बढ़ पाया है। उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद जताई।
पूर्व मंत्री नरेश शाही ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूरपश्चिम की स्वाभिमान, ऐतिहासिक विरासत और पहचान को उजागर करना है। उनके अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, रोजगार, स्त्रोतधार, सुरक्षित प्रवासन और सुशासन से संबंधित नीतिगत बहस कर साझा विकास दृष्टिकोण तैयार किया जाएगा। इस कार्यक्रम से प्राप्त सुझावों को आगामी आर्थिक वर्ष के बजट और नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल कर केंद्र सरकार द्वारा लागू किया जाना चाहिए, यह जानकारी उन्होंने साझा की। भारत के कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. रितेश शाह ने कहा कि वे सुदूरपश्चिम की संभावनाओं के प्रचार-प्रसार में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुदूरपश्चिम विकास फाउन्डेशन के अध्यक्ष शेरबहादुर शाही ने चर्चा और बहस को नीतिगत सुधार से जोड़ने पर ज़ोर देते हुए संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विकास के लिए स्पष्ट दृष्टि, ईमानदारी और साझा उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम में प्रदेश नीति तथा योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. जीवन राना ने द्वितीय पंचवर्षीय योजना के बारे में जानकारी दी। उद्घाटन सत्र के बाद सुदूरपश्चिम की संभावनाओं, समृद्धि, संघीयता अभ्यास, चुनौतियाँ और सुधारों पर विभिन्न सत्रों में बहस शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम में संघ, प्रदेश और स्थानीय सरकार, निजी क्षेत्र, बैंक और वित्तीय संस्थाएं, नागरिक समाज, संचारकर्मी एवं विशेषज्ञ शामिल हैं।