
१० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धता ४५ अरब ३२ करोड़ पहुंची
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।
- वर्तमान वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता ४५ अरब ३२ करोड़ १६ लाख रुपये तक पहुंची है।
- इस अवधि में ७२८ कंपनियों के माध्यम से एफडीआई स्वीकृत किया गया है, जिनमें से १९५ अप्रूवल रूट और ५३३ ऑटोमैटिक रूट से दर्ज हैं।
- सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक कंपनियां दर्ज हुई हैं, कुल ५८ प्रतिशत उद्योग इसी क्षेत्र से संबंधित हैं।
३ जेठ, काठमांडू। चालू वित्तीय वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता ४५ अरब रुपये से अधिक हो गई है। उद्योग विभाग के अनुसार वैशाख महीने के अंत तक कुल ४५ अरब ३२ करोड़ १६ लाख रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत किया गया है।
इस अवधि में ऑटोमैटिक रूट से ५ अरब ७६ करोड़ और अप्रूवल रूट से ३९ अरब ५५ करोड़ रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत हुआ है। केवल वैशाख २०८३ में ही ३ अरब ५२ करोड़ रुपये के बराबर एफडीआई स्वीकृत हुआ था।
१० महीनों में यह निवेश प्रतिबद्धता कुल ७२८ कंपनियों के माध्यम से आई है। १९५ कंपनियां अप्रूवल रूट से और ५३३ कंपनियां ऑटोमैटिक रूट से पंजीकृत हुई हैं। उद्योग विभाग ने बताया कि वैशाख में ही ११३ कंपनियां दर्ज हुईं।
इस वर्ष केवल ९ बड़ी कंपनियां पंजीकृत हुई हैं। जबकि ८ मझोले और ७११ छोटी प्रकृति की कंपनियां हैं। वैशाख महीने में एक ही बड़ी कंपनी और बाकी ११२ कंपनियां छोटी प्रकृति की दर्ज हुईं। इस वर्ष पंजीकृत इन कंपनियों ने कुल २३,५३० रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है।
उद्योग विभाग के अनुसार इस वर्ष सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक कंपनियां पंजीकृत हुई हैं। कुल ५८ प्रतिशत उद्योग इसी क्षेत्र से हैं, जो संख्या में ४२१ उद्योग बनती है। पर्यटन क्षेत्र में १८९, उत्पादन क्षेत्र में ४२, और सेवा क्षेत्र में ५५ उद्योग पंजीकृत हुए हैं।
कृषि क्षेत्र में १६, खनन और पूर्वाधार क्षेत्र में एक-एक उद्योग पंजीकृत हुआ है। इस वर्ष साउन माह में सबसे अधिक निवेश प्रतिबद्धता दर्ज हुई थी। भदौ के जनजाती आंदोलन के बाद निवेश प्रतिबद्धता में तेज गिरावट आई थी, लेकिन आम चुनाव और नई सरकार के गठन के बाद वह क्रम कुछ हद तक बढ़ रहा है।