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कर्णाली टूरिज्म मीट-२०६३: भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरुआत

कर्णाली टूरिज्म मीट-२०६३ वीरेन्द्रनगर में शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य कर्णाली को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ना है। कर्णाली प्रदेश के मंत्री सुरेश अधिकारी ने कर्णाली को विश्व के उत्कृष्ट पर्यटन स्थलों में से एक बताया और कहा कि इसकी पर्यटन विकास से नेपाल की आर्थिक समृद्धि में योगदान मिलेगा। पर्यटन सचिव मुकुन्दप्रसाद निरौला ने कर्णाली को नेपाली सभ्यता, हिमालयी संस्कृति और जैव विविधता का जीवंत संग्रहालय बताया।

‘अन द लैप ऑफ नेचर एंड कल्चर’ अर्थात् ‘संस्कृति और प्रकृति की गोद में’ यह कार्यक्रम इसी नारे के तहत शुरू किया गया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड और वीरेन्द्रनगर नगरपालिक के आयोजन तथा होटल व्यवसायी महासंघ सुर्खेत, दुल्लु नगरपालिका और गुराँस गाउँपालिका के समन्वय में बीते गुरुवार वीरेन्द्रनगर में इस सम्मेलन में कर्णाली की पर्यटन संभावनाओं, सांस्कृतिक वैभव और सतत पर्यटन विकास पर चर्चा की गई।

कर्णाली प्रदेश सरकार के उद्योग, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री सुरेश अधिकारी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव मुकुन्दप्रसाद निरौला, पर्यटन बोर्ड के कार्यवाहक प्रमुख हिकमतसिंह ऐर, वीरेन्द्रनगर नगरपालिकाध्यक्ष मोहनमाया ढकाल, गुराँस गाउँपालिका अध्यक्ष टोपबहादुर बीसी, सुर्खेत के मुख्य जिला अधिकारी जगदीश्वर उपाध्याय, नेपाल एसोसिएशन फॉर टूर एण्ड ट्रैवल एजेंट्स (नाट्टा) बाँके शाखा प्रमुख तथा प्रतिनिधि, कर्णाली और लुम्बिनी प्रदेश के पर्यटन व्यवसायी, भारतीय पर्यटन व्यवसायी, निजी क्षेत्र के उद्यमी एवं पर्यटनकर्मी उपस्थित थे।

मंत्री अधिकारी ने कहा कि कर्णाली को भौगोलिक दृष्टि से पिछड़ा माना जाता रहा है, लेकिन अब इसके पर्यटन विकास से पूरे नेपाल की आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान होने वाला है। उन्होंने कर्णाली के रारा, शे फोक्सुंडो, काँक्रेविहार, गुराँसे, हुम्ला और डोल्पा जैसे स्थलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग करने की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यटन सचिव निरौला ने बताया कि कर्णाली केवल नेपाल का पश्चिमी भूभाग ही नहीं है, बल्कि यह नेपाली सभ्यता, हिमालयी संस्कृति, जैव विविधता और मौलिक जीवनशैली का जीवंत संग्रहालय है।

बोर्ड के कार्यवाहक प्रमुख ऐर ने कहा कि भारत नेपाल के लिए विशाल पर्यटन बाजार है और कर्णाली प्रदेश वर्तमान में भारतीय पर्यटकों के लिए अत्यंत उपयुक्त पर्यटन स्थल है। वीरेन्द्रनगर नगरपालिकाध्यक्ष ढकाल ने कहा कि कर्णाली में अपार पर्यटन संभावनाएं हैं, लेकिन इसका प्रभावी प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा है। यह कार्यक्रम १० जेठ को समाप्त होगा।

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