
बाँके के पाँच सेवाग्राही को घर पर राहदानी वितरण
बाँके जिले के खजुरा, नरैनापुर और डुडुवा गाउँपालिका के पांच सेवाग्राही को घर पर जाकर राहदानी वितरण किया गया है। जिला हुलाक कार्यालय के प्रमुख गजेन्द्रप्रकाश थारु ने कुछ हफ्तों से घर पर राहदानी वितरण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी। राहदानी वितरण निःशुल्क होते हुए भी हुलाक महसूल के रूप में रु ६५ निर्धारित किया गया है और यह सेवा प्रभावकारी साबित हो रही है। ९ जेठ, नेपालगंज।
बाँके जिले में हुलाक कार्यालय के माध्यम से तीन स्थानीय तह के पांच सेवा उपभोक्ताओं को घर पर जाकर राहदानी उपलब्ध कराई गई है। जिले के खजुरा गाउँपालिका, नरैनापुर गाउँपालिका और डुडुवा गाउँपालिकाओं में अब तक पाँच सेवाग्राही को घर पर राहदानी वितरण किया गया है, ऐसी जानकारी जिला हुलाक कार्यालय ने दी। सरकार द्वारा सेवाग्राही को घर पर राहदानी पहुँचाने की नई प्रक्रिया शुरू होने के बाद डुडुवा गाउँपालिका के कमलकुमार वर्मा उत्साहित दिखे।
‘पहले राहदानी बनाने के लिए जाना बहुत झंझट भरा होता था। अब घर पर ही मिलने लगा है। इससे सेवाग्राही का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं,’ उन्होंने बताया। पहले राहदानी बनाने में लगभग एक माह लग जाता था जबकि अब यह सेवा १५ दिनों के भीतर घर पर पहुंच रही है, वर्मा ने बताया। राहदानी घर पर मिल जाने के बाद उन्होंने विदेश जाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
जिला हुलाक कार्यालय के प्रमुख गजेन्द्रप्रकाश थारु ने बताया कि कुछ हफ्तों से जिले के पाँच सेवा उपभोक्ताओं को घर पर जाकर राहदानी उपलब्ध कराने का काम प्रारंभ हो चुका है। अन्य कुछ के राहदानी हुलाक कार्यालय में उपलब्ध होते ही वितरण किया जाएगा। सेवा लाभुक के राहदानी बनने के बाद उसे एक ही स्थान पर या इच्छानुसार अन्य स्थान पर वितरण करवाने की व्यवस्था भी है, उन्होंने कहा।