
स्थानीय तह के जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच विवाद समाधान हेतु उच्चस्तरीय समिति का गठन
११ जेठ, काठमाडौं। भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मन्त्रालय ने स्थानीय तह में जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच उत्पन्न विवादों के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। विशेष रूप से संघीय सरकार द्वारा नियुक्त प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय तह के जनप्रतिनिधियों के बीच नीतिगत मुद्दों पर विवाद होते रहे हैं, जिसके कारण समय पर निर्णय लेने में परेशानी, बजट कार्यान्वयन में बाधाएं तथा बेरुजु की वृद्धि जैसी समस्याएँ जन्म ले रही हैं।
इन समस्याओं के गहराई से अध्ययन और दीर्घकालीन समाधान निकालने के उद्देश्य से मन्त्रालय ने सचिव की संयोजकता में प्रधानमंत्री कार्यालय के सहसचिव, नगरपालिका संघ एवं गाउँपालिका राष्ट्रिय महासंघ के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। स्थानीय तह में प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के पद लंबे समय तक रिक्त रहने, पदस्थापन या सरुवा किए गए प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी का कार्यालय में समय पर उपस्थिति नहीं देना, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय न करना, सुशासन विरोधी गतिविधियों तथा स्वार्थपरक व्यवहारों में संलिप्तता, और व्यावसायिक दृष्टि से स्थानीय सरकार के निर्णयों के सफल कार्यान्वयन में सहयोग नहीं देना जैसी समस्याएँ पाई गयी हैं।
इन विषयों का गहन अध्ययन कर दीर्घकालीन समाधान निकालने की जिम्मेदारी समिति को सौंपी गई है। साथ ही, स्थानीय तह में कार्यरत कर्मचारियों को प्रक्रिया पूर्ण किए बिना कानूनी विरुद्ध कार्यों के लिए भुगतान करने का दबाव बनाने, कर्मचारी नियुक्ति, इंधन वितरण, अतिथि सत्कार जैसे कार्यों में अत्यधिक व्यय कराने की समस्याओं का भी समिति अध्ययन करेगी। स्थानीय तह के जनप्रतिनिधियों के दबाव के कारण लिए गए कानूनी विरुद्ध निर्णयों ने कर्मचारियों को भविष्य में भ्रष्टाचार संबंधित मामलों में फंसने का जोखिम पैदा किया है, जिससे कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच विवादों में वृद्धि हुई है।
स्थानीय सरकार की कार्यक्षमता को प्रभावकारी बनाने और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए समिति आवश्यक अध्ययन और अनुसंधान करेगी। आवश्यक होने पर समस्याओं के समाधान हेतु समिति विभिन्न उपसमितियाँ और कार्यसमूह गठित कर कार्य कर सकती है।