
सऊदी अरब में ४ महीने से फंसे ७० नेपाली ड्राइवरों की समस्या
काठमांडू के अल शाहिद ओवरसीज़ के माध्यम से सऊदी अरब पहुंचे ७० नेपाली चालक चार महीनों से काम और वेतन न मिलने के कारण फंसे हुए हैं। फंसे हुए इन चालकوں में से कुछ को सुरक्षा उपकरण के बिना श्रम कार्य में लगाया गया है जबकि कई को भोजन और आवास की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। विदेश रोजगार के लिए लाखों रुपये खर्च करके सऊदी आए इन पीड़ितों ने न्याय के लिए वहां के श्रम अदालत में भी मुकदमा दर्ज कराया है।
सऊदी अरब पहुंचने वाले साठ से अधिक नेपाली ड्राइवर काम न मिलने के कारण लगभग चार महीने से फंसे हुए हैं। ये लोग काठमांडू मेट्रोपोलिटन सिटी–४ चंडोल में स्थित अल शाहिद ओवरसीज़ के माध्यम से सऊदी गए थे। इस ओवरसीज़ ने सऊदी में अनुभवी ५० और नेपाली लाइसेंस वाले १५० ड्राइवरों की मांग की थी। सऊदी की मेहन ह्यूमन रिसोर्स कंपनी में हेवी ड्राइवर के रूप में गए ६४ लोगों में से अधिकांश नेपाली अब तक काम नहीं पा सके हैं।
फरवरी में श्रम स्वीकृति लेकर सऊदी पहुंचे इन लोगों ने अब तक काम न मिलने की बात कही है। इन्हें समूहों में विभिन्न स्थानों पर रखा गया है। सऊदी और खाड़ी देशों के हेवी ड्राइवर लाइसेंसधारियों में से कुछ को ही काम पर लगाया गया है। नेपाली लाइसेंसधारी और सऊदी के हल्के वाहनों के लाइसेंसधारकों को भी अब तक काम पर नहीं भेजा गया है। मैनपावर द्वारा जारी विज्ञापन में सऊदी अरब के लाइसेंसधारियों के लिए मासिक १,६०० रियाल वेतन और ट्रिप भत्ते की व्यवस्था का उल्लेख है।
सऊदी की मेहन ह्यूमन रिसोर्स कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में अल शाहिद ओवरसीज़ द्वारा किए गए करारनामे में हेवी ड्राइवर का मासिक वेतन १,८०० सऊदी रियाल, दैनिक ८ घंटे और साप्ताहिक ६ दिन काम, एक दिन की छुट्टी, २ वर्षों की करार अवधि, भोजन और आवास की व्यवस्था कंपनी द्वारा की जाने का उल्लेख था। नेपाल में अपनी समस्याएं बताने पर मैनपावर के निदेशक राउत ने समस्या का समाधान हो रहा है, इस आश्वासन का वर्णन श्रमिक करते हैं।