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दिगो विकास लक्ष्य प्राप्तिका लागि धनकुटा नगरपालिकाले थाल्यो पहल

दिगो विकास लक्ष्य प्राप्ति के लिए धनकुटा नगरपालिकाद्वारा नई पहल आरंभ

१४ जेठ, धनकुटा। धनकुटा नगरपालिकाने दिगो विकास लक्ष्य (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा शुरू की है। संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा सन् २०१५ में घोषित दिगो विकास लक्ष्य को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नगरपालिका ने तथ्य पर आधारित योजना निर्माण और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास शुरू किए हैं।

स्थानीय तहें विकास के मुख्य आधार के रूप में स्थापित हो रही हैं, ऐसे में नगरपालिका ने दिगो विकास लक्ष्य के १७ लक्ष्यों में विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और लैंगिक समानता को प्राथमिकता देते हुए काम चलाया है। इसके लिए बुनियादी आंकड़े एकत्रित कर आने वाले समय में अपनाई जाने वाली नीतियां, योजनाएं, संभावनाएं और चुनौतियों पर चर्चा और सुझाव संग्रह किया गया है, जिसे नगरपालिका के सूचना अधिकारी विकास अधिकारी ने जानकारी दी है।

नगरपालिका द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर शून्य तक पहुंच चुकी है, यह दावा किया गया है।

टीकाकरण सेवाओं की पहुंच १०० प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जबकि ९९.७४ प्रतिशत महिलाओं ने संस्थागत प्रसव कराया है, जो स्थानीय स्वास्थ्य सेवा सुदृढीकरण और जनसचेतना के सकारात्मक परिणाम हैं।

पेयजल और स्वच्छता में भी सुधार देखा गया है। नगरपालिका के अनुसार ९२ प्रतिशत उपभोक्ता नल का पानी उपयोग कर रहे हैं और ८४ प्रतिशत नागरिक सुरक्षित शौचालय की सुविधा प्राप्त हैं।

स्थानीय तहें स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षित पानी को नागरिकों के बुनियादी अधिकार के रूप में स्थापित कर रही हैं, जैसा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं, नगरपालिका ने कहा।

लेकिन उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियां भी गंभीर बनी हुई हैं। नगरपालिका में अभी भी ११.३ प्रतिशत नागरिक गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं, जो आर्थिक असमानता को दर्शाता है।

नगरपालिका के सूचना अधिकारी के अनुसार, रोजगार सृजन का अभाव, आर्थिक संसाधनों की कमी, बढ़ता हुआ आवागमन, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी की सीमित पहुंच और जागरूकता स्तर में असमानता दिगो विकास लक्ष्य हासिल करने में मुख्य चुनौतियां हैं।

विशेष रूप से युवा श्रम शक्ति के विदेश पलायन से स्थानीय उत्पादन और श्रम शक्ति प्रभावित हो रही है, यह सरोकार वालों ने बताया। कृषि एवं छोटे व्यवसायों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में असमर्थता के कारण आर्थिक विकास अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन में अस्थिरता आई है, जिससे ग्रामीण समुदायों पर असर पड़ा है।

चर्चा कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि दिगो विकास लक्ष्य की प्राप्ति केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं और वास्तविकता पर आधारित योजना बनाने, प्रभावी बजट प्रबंधन और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्व में गरीबी समाप्ति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी, पर्यावरण संरक्षण और समृद्ध समाज निर्माण के लिए १७ दिगो विकास लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

नेपाल सरकार भी संघ, प्रदेश और स्थानीय तह स्तर पर इन अवधारणाओं के अनुसार कार्यक्रम संचालित कर रही है। चूंकि सन् २०३० तक लक्ष्य प्राप्त करने की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है, इसलिए स्थानीय तहों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण बताई गई है।

नगरपालिका ने संवाद से प्राप्त सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आगामी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का निर्माण करने की जानकारी दी। स्थानीय तहों में तथ्य आधारित नीति, पारदर्शी कार्यान्वयन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने से ही दिगो विकास लक्ष्य प्राप्ति संभव होगी, धनकुटा नगरपालिकाध्यक्ष चिन्तन तामाङ ने बताया।

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