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चार युवा संगठनों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह से इस्तीफे की मांग की

चार राजनीतिक दलों के युवा संगठनों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा संसद में दिए गए संबोधन पर आपत्ति जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। प्रधानमंत्री शाह ने संसद में कहा था कि भारत की सीमा को लेकर नेपाल ने भी अतिक्रमण किया है, जिसकी उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद जानकारी हुई। राष्ट्रीय युवा संघ, वाईसीएल और अन्य दो संगठनों ने इस अभिव्यक्ति को राष्ट्रीयता और भौगोलिक अखंडता के खिलाफ बताया है।

१८ जेठ, काठमाडौं। चार राजनीतिक दलों के युवा संगठनों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए संयुक्त वक्तव्य जारी किया है। राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल, वाईसीएल, युवा संघ नेपाल और नेपाल समाजवादी युवा संघ ने सोमवार को संयुक्त रूप से यह बयान जारी किया।

जारी बयान में प्रधानमंत्री शाह द्वारा संसद की बैठक में दी गई अभिव्यक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। साथ ही जनता से माफी मांगकर इस्तीफा देने का आग्रह किया गया है। ‘जनता के खिलाफ और राष्ट्रघाती गतिविधियाँ हम देशभक्त, राष्ट्रप्रेमी और जनजीवन के पक्षधर युवा के लिए असहनीय हैं। नेपाली जनता की सहनशीलता टूटने से पहले प्रधानमंत्री शाह से जनता के समक्ष माफी मांगने और इस्तीफा देने का आह्वान करते हैं,’ बयान में कहा गया है।

प्रधानमंत्री शाह ने संसद में कहा था कि भारत ही नहीं, नेपाल ने भी भारत की सीमा का अतिक्रमण किया है, यह उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद पता चला। उनकी इस अभिव्यक्ति की आलोचना हो रही है। ‘प्रधानमंत्री की यह अभिव्यक्ति अत्यंत गैरजिम्मेदाराना है, राष्ट्रीयता, संप्रभुता और भौगोलिक अखंडता के विरुद्ध है और इतिहासिक तथ्यों के विपरीत है। प्रधानमंत्री शाह की इस राष्ट्रघाती अभिव्यक्ति की कड़ी निंदा की जाती है,’ बयान में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री शाह की इस अभिव्यक्ति से यह शक उत्पन्न हुआ है कि कहीं नेपाली भूभाग भारत को सौंपने की साजिश तो नहीं है।’

संगठनों ने कहा कि पहले भी प्रधानमंत्री शाह और उनके दल रास्वपा के निर्णयों से पहले ‘मीडिया ट्रायल’ करने की प्रथा रही है और इस घटना को लेकर भी ऐसी शंका जाहिर की गई है। ‘अतीत में वे और उनकी पार्टी रास्वपा विभिन्न निर्णयों से पहले मीडिया ट्रायल करते थे। क्या यह घटना उसी सिलसिले का हिस्सा है, यह गंभीर प्रश्न है। भारत ने किसी भी क्षेत्र पर दावा नहीं किया है, तब भी प्रधानमंत्री द्वारा दी गई राष्ट्रघाती अभिव्यक्ति गंभीर और चिंताजनक है।’

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