
ऑस्ट्रेलिया की नई योजना के खिलाफ मेटा का कड़ा विरोध
मेटा ने मीडिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नई योजना का कड़ा विरोध किया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, यदि सोशल मीडिया नेटवर्क्स समझौता नहीं करते हैं तो ऑस्ट्रेलिया में उनकी कुल आय का 2.25 प्रतिशत कर देना होगा। इस नए कानून के लागू होने पर स्थानीय मीडिया के लिए वार्षिक 20 करोड़ से 25 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मिलने का अनुमान है। 22 जेठ, काठमाडौं।
सोशल मीडिया की बड़ी कंपनी मेटा ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की इस नई योजना पर तीखी आपत्ति जताई है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मीडिया को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य करती है। मेटा ने सरकार के इस प्रस्ताव को खराब रूप से डिजाइन किया गया और अत्यंत अन्यायपूर्ण बताते हुए कड़ी आलोचना की है। फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की होल्डिंग कंपनी मेटा ने बताया कि न्यूज बार्गेनिंग इंसेंटिव (एनबीआई) योजना मीडिया को आवश्यक नवाचार करने से रोकती है जो टिकाऊ मीडिया माहौल के लिए आवश्यक हैं।
मेटा द्वारा सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एनबीआई उल्टा प्रभाव डालता है। यह मीडिया के टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल पर ध्यान दिए बिना राजस्व की गारंटी देता है। जिससे वे प्रतिस्पर्धात्मक दबाव से बचते हैं, जबकि समय के अनुसार आगे बढ़ना आवश्यक होता है। जब सबसे ज़रूरी बदलाव की मांग होती है, यह योजना अधिक निर्भरता को संस्थागत बनाती है।’ मेटा ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से असंगत और असफल होगी और अमेरिका के साथ स्वतंत्र व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करेगी।
ऑस्ट्रेलिया की केंद्र-वामपंथी लेबर पार्टी सरकार की योजना के तहत यदि सोशल मीडिया और सर्च प्लेटफॉर्म्स ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को उनके समाचार सामग्री के भुगतान में समझौता नहीं करते हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अपनी कुल आय का 2.25 प्रतिशत कर देना होगा। साथ ही, न्यूनतम विज्ञापन समझौता करने वाले प्लेटफॉर्म की कर दर 1.5 प्रतिशत तक घटाई जा सकती है। कर से एकत्रित राशि मीडिया द्वारा रोजगार प्रदान किए पत्रकारों की संख्या के आधार पर वितरित की जाएगी। यह प्रस्ताव विशेष रूप से मेटा, गूगल और टिकटक की होल्डिंग कंपनी बाइटडांस को लक्षित करता है।
पिछली सरकार द्वारा लाई गई ‘न्यूज बार्गेनिंग कोड’ को मेटा सहित कई कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म से समाचार सामग्री हटाकर निष्क्रिय कर दिया था, जिसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री एंथनी अलबानीज ने इस नए योजना को अप्रैल में पेश किया था। सरकार का अनुमान है कि यदि संसद से यह योजना पारित हो जाती है तो स्थानीय मीडिया को वार्षिक 20 करोड़ से 25 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (अमेरिकी डॉलर 14 करोड़ 3 लाख से 17 करोड़ 8 लाख) तक की राशि मिलेगी। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया यूनियन ‘मीडिया इंटरटेनमेंट एंड आर्ट्स एलायंस’ के अनुसार विज्ञापन आय में भारी गिरावट के कारण 2008 से ऑस्ट्रेलिया में 19,500 से अधिक पत्रकारों की नौकरी चली गई है।