
कर दर में बदलाव पर कांग्रेस नेता केसी की टिप्पणी: ‘निरंकुश प्रवृत्ति का स्पष्ट संकेत’
नेपाली कांग्रेस के नेता अर्जुननरसिंह केसी ने सरकार द्वारा आर्थिक विधेयक में मनमाने तरीके से कर दरों में बदलाव के खिलाफ आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विधेयक संसद में पेश होने के बाद ‘त्रुटि सुधार’ के नाम पर कर दरों को बदलना संसदीय मर्यादा और नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है। सरकार को चाहिए कि वे गलती स्वीकार कर विधेयक को औपचारिक संशोधन के साथ संसद में पुनः प्रस्तुत करें जो एक सम्मानजनक तरीका होगा। २४ जेठ, काठमाडौं।
सरकार द्वारा संसद से पारित आर्थिक विधेयक में मनमाने ढंग से संशोधन कर कर दरों में अनियमित परिवर्तन किए जाने के विषय में केसी ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अर्थमंत्री द्वारा ‘त्रुटि सुधार’ के बहाने पत्र के माध्यम से कर दरों को बदलना विधायिका को धोखा देने के समान है और इससे कार्यपालिका मनमानी कर सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘यह संसदीय नियमावली, मर्यादा और विश्वव्यापी प्रचलन का स्पष्ट उल्लंघन है। यह सार्वभौम संसद के विशेषाधिकार पर खुला हस्तक्षेप है।’
केसी ने कहा कि बजट जैसे संवेदनशील मामले में सरकार द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाना व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा संसद का क्या औचित्य रह जाएगा? उन्होंने आगे लिखा, ‘यह निरंकुश प्रवृत्ति का स्पष्ट संकेत है। इससे संसदीय लोकतंत्र के मूल्यों को भारी चोट पहुंची है।’ उन्होंने यह भी कहा कि देश निरंतर निर्वाचित अधिनायकवादी दिशा की ओर बढ़ रहा है और इस प्रक्रिया को तुरंत रोकना आवश्यक है।