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राहत शिक्षकों ने शिक्षामंत्री को ६ बिंदुओं पर मांग पत्र सौंपा

२७ जेठ, काठमांडू। नेपाल राहत शिक्षक केंद्रीय समिति ने शिक्षामंत्री सस्मित पोखरेल को ६ बिंदुओं वाला मांग पत्र सौंपा है। राहत शिक्षक केंद्रीय समिति के अध्यक्ष नवीनसिंह धामी ने बुधवार को एक पत्र के माध्यम से शिक्षामंत्री पोखरेल को ये मांगें प्रस्तुत की हैं। ‘राहत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की सुनिश्चितता तथा न्यायोचित प्रबंधन संबंधी’ शीर्षक वाले पत्र में उल्लेख है कि २०६० साल से नेपाल के सामुदायिक विद्यालयों में राहत अनुदान कोटे के तहत कार्यरत राहत शिक्षक लगातार सेवा दे रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों ने राहत शिक्षकों को विद्यालय शिक्षा का अविभाज्य अंग मान्यता दी है।

फिर भी, लंबे समय से कार्यरत राहत शिक्षकों को प्रत्येक छह माह में मियाद वृद्धि या नवीनीकरण प्रक्रिया में अनावश्यक भय, असुरक्षा और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। मांगें इस प्रकार हैं: १. राहत शिक्षकों को शिक्षा नियमावली के नियम ९७ (८) के तहत सामान्य संविदा शिक्षक समान व्याख्या कर बार-बार मियाद वृद्धि या नवीनीकरण प्रक्रिया में न रखा जाए। २. २०६० से सामुदायिक विद्यालयों में लगातार कार्यरत राहत शिक्षकों की विशेषता, अनुभव और योगदान को सम्मानित करते हुए सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ३. राहत शिक्षक प्रबंधन विषय को स्थानीय सरकारों की विभिन्न व्याख्याओं में न छोड़ा जाए, नेपाल सरकार एकरूप नीतिगत स्पष्टता प्रदान करे। ४. राहत शिक्षकों के हित, पेशागत प्रतिष्ठा तथा न्यायोचित प्रबंधन विधि, प्रक्रिया और कानूनी आधार पर किया जाए। ५. विद्यालय शिक्षा से जुड़े नए कानून निर्माण के दौरान राहत शिक्षकों का दीर्घकालीन, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। ६. राहत शिक्षकों में असुरक्षा, अन्योल और भय पैदा करने वाले निर्णय तथा निर्देश तत्काल रोके जाने के लिए संबंधित निकायों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

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