समूह ‘एच’ में सभी चार टीमों के नकआउट चरण में पहुंचने की संभावना बरकरार, क्या केप वर्डे बनाएगा इतिहास?
१२ असार, काठमाडौं । फिफा विश्वकप २०२६ के समूह ‘एच’ के अंतर्गत दो अंतिम और निर्णायक मैच होने वाले हैं, जो इस समूह के नकआउट चरण के समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पहले मुख्य मैच में दो पूर्व चैंपियन उरुग्वे और स्पेन समूह की शीर्ष स्थान और प्रतिष्ठा के लिए आमने-सामने होंगे। कोच मार्सेलो बिएल्सा की तेज गति वाली उरुग्वे और लुइस डी ला फॉन्टे की कलात्मक स्पेन के बीच यह मुकाबला रणनीतिक दृष्टि से उच्चस्तरीय माना जा रहा है। दूसरी ओर, इसी समूह के दूसरे मैच में पहली बार विश्वकप खेल रहे अफ्रीकी द्वीप राष्ट्र केप वर्डे और एशियाई पावरहाउस सऊदी अरब नकआउट की संभावना जीवित रखने के लिए ‘हर हाल में जीतना जरूरी’ दबाव के साथ मैदान में उतरेंगे।
दो मैचों में १ जीत और १ बराबरी के साथ स्पेन ४ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है। स्पेन ने सऊदी अरब को ४-० से हराया था और केप वर्डे के साथ गोलरहित बराबरी खेली थी। वहीं, उरुग्वे और केप वर्डे के भी २-२ अंक हैं। उरुग्वे ने सऊदी अरब के साथ १-१ की बराबरी और केप वर्डे के साथ २-२ की बराबरी खेली है। सऊदी अरब के पास केवल १ अंक है।
उरुग्वे और स्पेन के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लंबा और सम्मानजनक इतिहास रहा है। ये दोनों टीमें अब तक १० बार आमने-सामने आई हैं, जिनमें स्पेन ने ५ मैच जीते हैं जबकि उरुग्वे कोई मैच जीत नहीं पाया और ५ मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए। विश्वकप के इतिहास में ये दोनों टीमें दो बार भिड़ चुकी हैं; १९५० के विश्वकप में २-२ की बराबरी और १९९० के विश्वकप के समूह चरण में गोलरहित (०-०) ड्रॉ हुआ था। उरुग्वे स्पेन के खिलाफ पहली बार जीत की तलाश में है।
खिलाड़ियों पर नजरः फेडेरिको वाल्वेर्डे (उरुग्वे – मिडफील्डर): रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर वाल्वेर्डे उरुग्वे की टीम के मुख्य इंजन हैं। मैदान के मध्य भाग में उनकी अथक ऊर्जा, खेल नियंत्रण क्षमता और लंबी दूरी से शक्तिशाली प्रहार स्पेन के लिए बड़ी चुनौती होंगे। डार्विन नुनेज (उरुग्वे – स्ट्राइकर): अल हिलाल के ये स्ट्राइकर उरुग्वे के आक्रमण के प्रमुख गोलिंग मशीन हैं। उनकी विस्फोटक गति और शारीरिक ताकत स्पेन की रक्षा तोड़ने में उरुग्वे का अहम हथियार होगी। रोड्री (स्पेन – मिडफील्डर): मैनचेस्टर सिटी के मुख्य खिलाड़ी रोड्री स्पेन की टीम के रणनीतिक कमांडर हैं। खेल की गति पर नियंत्रण रखना और उरुग्वे की तीव्र काउंटर अटैक को माध्यम क्षेत्र में रोकना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी।
केप वर्डे और सऊदी अरब के बीच फुटबॉल इतिहास में यह पहला आधिकारिक सामना होगा। विश्वकप के मंच पर ये दोनों राष्ट्र पहले कभी आमने-सामने नहीं आए हैं। पहली बार विश्वकप खेल रहे केप वर्डे ने अफ्रीकी क्वालीफाइंग में दिखाई गई मजबूत और जुझारू रक्षा जारी रखकर इतिहास रचने की इच्छा जताई है। दूसरी ओर, विश्वकप में अर्जेंटीना जैसे महान टीमों को हराने का अनुभव रखने वाला सऊदी अरब एशियाई फुटबॉल की प्रतिष्ठा बचाते हुए ३ अंक हासिल करने का लक्ष्य लिए मैदान उतरेगा।