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सभामुख डोलप्रसाद अर्याल और सांसद राजेन्द्र राई के बीच विवाद

बुधवार प्रतिनिधि सभा की बैठक में विपक्षी दल नेकपा एमाले के सांसद राजेन्द्रकुमार राई द्वारा सभामुख डोलप्रसाद अर्याल के प्रति की गई टिप्पणी ने हंगामा मचा दिया, जिसके कारण सभा को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। उन्होंने सभामुख से पूछा, “क्या आप कान सुनते हैं या नहीं?” जिसके जवाब में सभामुख अर्याल ने उन्हें “मर्यादा में रहते हुए अपनी बात रखने” का आग्रह किया। सांसद राई पर सभामुख की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए अर्याल ने बार-बार इसे ‘मर्यादाविपरीत’ बताया और बाद में उक्त टिप्पणी को संसद के रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश भी दिए।

इससे पहले भी असार 2 को प्रतिनिधि सभा में एक असामान्य दृश्य देखा गया था। रोस्ट्रम पर पहुंचे सांसद राई और सभामुख अर्याल के बीच लगभग पांच मिनट तक बहस हुई थी। विनियोजन विधेयक पर चर्चा में मंत्रियों की अनुपस्थिति के कारण राई विषय पर चर्चा में शामिल नहीं होना चाहते थे। गुरुवार सुबह फोन पर बातचीत करते हुए सांसद राई ने कहा कि उन्होंने “वह बात कही जो कहना उचित था”। उन्होंने बताया, “मैंने केवल हमारे नियमावली को लागू करने और विधिसम्मत सदन चलाने की बात उठाई थी।”

सांसद राई ने बुधवार को की गई अपनी टिप्पणी के संबंध में बताया कि जब वे भाषा को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे तो माइक काट दिया गया। उन्होंने कहा, “सभामुख जी, क्या आप सुनते हैं या नहीं? आम जनता और नागरिक समाज यह बात कहने की कोशिश कर रहा है,” कहने के दौरान माइक बंद कर दिया गया। सभामुख अर्याल के निजी सचिव नवराज पांडे ने बताया कि कान के संदर्भ में सभामुख ने सांसद को गरिमापूर्ण भाषा का प्रयोग करने के लिए सचेत किया।

सांसद राई ने कहा कि उनका सभामुख के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं है और वे पहले भी मंत्रिपरिषद में डिपी अर्याल के साथ दो बार काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “उस समय भी मैंने नियमों के अनुसार ही संबंधित मंत्रियों की अनुपस्थिति में कैसे कार्यवाही हो, इस पर बात की थी।” राई के पार्टी नेकपा एमाले के प्रमुख सचेतक ऐन महर ने कहा कि संसद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने के विषय में पार्टी गंभीर है और सभी सांसदों तथा सभामुख से इसे कायम रखने का आग्रह किया है।