इजरायल में होम बेस्ड केयरगिवर भेजने के प्रोटोकॉल को शीघ्र पूरा करने की तैयारी
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा की गई।
- नेपाल और इजरायल सरकार के बीच कृषि एवं घरेलू होम बेस्ड केयरगिवर भेजने के श्रम प्रोटोकॉल को अंतिम चरण में लाने की बातचीत जारी है।
- श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता पिताम्बर घिमिरे ने बताया कि तकनीकी विषयों के समायोजन के बाद शीघ्र औपचारिक हस्ताक्षर के लिए वार्ता आगे बढ़ रही है।
- इजरायल ने श्रमिकों की वार्षिक कोटा आधारित संख्या निर्धारित करने की योजना बनाई है और रोजगार अवधि सामान्यतः पाँच वर्ष की होगी।
२६ आसार, काठमांडू। इजरायल में होम बेस्ड केयरगिवर भेजने संबंधी प्रोटोकॉल को शीघ्र पूरा करने की तैयारियां चल रही हैं।
इजरायल और नेपाल सरकार के बीच घर पर काम करने वाले केयरगिवर और कृषि क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को भेजने के लिए तैयार किए गए प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने पर बातचीत जारी है।
नेपाल की ओर से पिछले वर्ष ही इस प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार कर मंत्रिपरिषद से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
२२ पौष २०८२ को मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि क्षेत्र में नेपाली छात्रों और घरेलू सहायक श्रमिक (केयरगिवर) को पाँच वर्ष की दीर्घकालीन नौकरी पाने हेतु इजरायल द्वारा भेजे गए दो नए प्रोटोकॉल के मसौदे को पारित किया गया था। इसके साथ ही दोनों प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने का मार्ग खुला था, लेकिन अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है।
ये प्रोटोकॉल इजरायल और नेपाल के बीच हुए श्रम समझौते के अंतर्गत हैं। इजरायल के साथ दीर्घकालीन सेवा केंद्र में सहायक श्रमिक भेजने का एकमात्र प्रोटोकॉल पहले से था, जिसे संशोधित कर प्रस्तुत किया गया था।
इजरायल ने कुल तीन प्रोटोकॉल का मसौदा भेजा था, जिन्हें आवश्यक संशोधनों के बाद मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली। इसी के अनुसार युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने संबंधित समझौतों की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन इजरायल पक्ष ने कृषि और घरेलू केयरगिवर प्रोटोकॉल में अतिरिक्त संशोधन के साथ प्रस्तुत किया।
इन प्रोटोकॉल को आगे बढ़ाने के लिए नेपाल और इजरायल सरकार के बीच श्रम प्रोटोकॉल मसौदे पर सघन चर्चा चल रही है। श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता पिताम्बर घिमिरे के अनुसार यह प्रक्रिया वार्ता चरण में है।
उन्होंने बताया कि इजरायल द्वारा भेजे गए मसौदे में नेपाल को कुछ तकनीकी विषयों पर विलंब है, जिन्हें मंत्रालय की तकनीकी टीम समीक्षा कर रही है और उच्च स्तरीय वार्ता के जरिए अंतिम रूप दिया जाएगा।
पिछले बुधवार श्रम मंत्री रामजी यादव और नेपाल में इजरायली राजदूत स्मुलिकम एरी बासबीच हुई बैठक में इस प्रोटोकॉल को जल्द से जल्द पारित करने पर चर्चा हुई।
दोनों पक्ष इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। विशेषकर होम बेस्ड केयरगिवर से संबंधित प्रस्ताव में इजरायल ने कुछ बिंदुओं पर संशोधन के साथ प्रस्तुति दी है।
प्रवक्ता घिमिरे के अनुसार, तकनीकी टीम अंतिम अनुमोदन दे देने के बाद दोनों देशों के बीच औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।
कृषि और घरेलू सहायक श्रमिकों के विषय में इजरायल वार्षिक कोटा आधारित संख्या निर्धारित कर भेजने की तैयारी में है, परन्तु अभी तक ठीक विवरण स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘कामगारों की संख्या इजरायल वार्षिक कोटे के अनुसार तै करता है, जिसे प्रोटोकॉल स्वीकृत होने के बाद ही पता चलेगा।’
इजरायल में कार्यकाल सामान्यतः पाँच वर्ष का होगा। पांच वर्ष पूर्ण होने पर श्रमिकों को अनिवार्य रूप से स्वदेश वापस लौटना होगा। हालांकि, यदि रोजगारदाता केयरगिवर की ईमानदारी और सेवा से संतुष्ट हो और वीजा परिवर्तन की अनुमति दे तो वे वहां बने रह सकते हैं।
सरकार ने इजरायल के श्रम बाजार को नेपाली श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के कारण इस प्रोटोकॉल को प्राथमिकता दी है। यह समझौता केयरगिवर क्षेत्र में नेपाली श्रमिकों के लिए नए रोज़गार अवसर खोलने की उम्मीद रखता है।
सरकारी व्यवस्था के तहत १४ असोज २०७७ (३० सितंबर २०२०) को ‘इजरायल के विशेष श्रम बाजार में नेपाली श्रमिकों की अस्थायी रोजगार संबंधी समझौता’ हुआ था। इसके बाद पांच वर्षों तक नवीनीकरण प्रक्रिया चली।
२०७७ के समझौते में अपने आप नवीनीकरण की व्यवस्था नहीं होने के कारण नवीनीकरण प्रक्रिया शुरू हुई। इसके साथ ही कृषि और घरेलू श्रमिक भेजने के समझौते भी तैयार हुए।
इजरायली पक्ष ने दोनों प्रोटोकॉल में कुछ संशोधन के साथ प्रस्ताव भेजा। जिसके बाद दोनों देशों की तकनीकी समितियों ने चर्चा कर शीघ्र समझौता करने की प्रक्रिया शुरू की।
२०७७ के समझौते के अनुसार वर्तमान में तीसरे चरण में केयरगिवर भेजने की प्रक्रिया चल रही है। अब तक दो चरणों में ३ हजार से अधिक केयरगिवर इजरायल पहुँच चुके हैं।