एक दशक में सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का खर्च ५९२ प्रतिशत बढ़ा
पिछले एक दशक में नेपाल सरकार का सामाजिक सुरक्षा खर्च ५९२ प्रतिशत बढ़कर १ खर्ब १४ अरब ४१ करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। महालेखा परीक्षक के रिपोर्ट में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि और भत्ता दरों में बदलाव के कारण राज्य की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने हेतु सरकार को सुझाव दिया गया है। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को सतत बनाने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नागरिकों को भत्ता त्यागने के लिए प्रोत्साहित करते हुए आवश्यकता-आधारित वितरण प्रणाली लागू करने की योजना प्रस्तुत की है। ३१ असार, काठमाडौं।
महालेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा किए गए कार्यात्मक लेखा परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक वर्ष २०७२/७३ में सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का वार्षिक खर्च १६ अरब ५२ करोड़ २२ लाख ७४ हजार रुपए था। यह खर्च २०८१/८२ में बढ़कर १ खर्ब १४ अरब ४१ करोड़ रुपए हो गया है। दस वर्षों में सामाजिक सुरक्षा भत्ता व्यय में ९७ अरब ८८ करोड़ ८० लाख की वृद्धि हुई है, जो ५९२ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। नेपाल में वरिष्ठ नागरिक, आर्थिक रूप से पिछड़े, विकलांग और असहाय व्यक्ति, असहाय एकल महिलाएं, विकलांगता वाले, बालक, स्वयं की देखभाल में असमर्थ और लुप्तप्राय समुदाय सामाजिक सुरक्षा भत्ता प्राप्त कर रहे हैं।
आर्थिक वर्ष २०७१/७२ में कुल २२ लाख ६५ हजार ५३५ लाभार्थी थे, जो एक दशक में बढ़कर ३८ लाख ६ हजार ६३४ हो गए हैं। सरकार ने एक दशक पहले कुल बजट का केवल २.७५ प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा पर खर्च किया था, जो अब ७.५१ प्रतिशत तक पहुंच गया है। महालेखा के अनुसार, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर भी सामाजिक सुरक्षा भत्ता दिया जा रहा है और तीनों शासन स्तरों द्वारा उपलब्ध कराए गए अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में हुए खर्च को जोड़ने पर यह राशि और भी अधिक होगी।