कांग्रेस-एमाले संघर्ष के कारण सातों प्रदेशों में सरकार में बदलाव के आसार
इस सप्ताह कर्णाली प्रदेश में नेकपा एमाले नेतृत्व वाली सरकार से नेपाली कांग्रेस के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सुदूरपश्चिम प्रदेश में नेपाली कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकार से नेकपा एमाले के मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है और एमाले ने सरकार को दिया समर्थन वापस ले लिया है। इन दो प्रदेशों की घटनाओं ने सातों प्रदेशों पर प्रभाव डालने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले समय संघीय सरकार के नेतृत्व बदलने पर नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के बीच सहमति हुई थी, जिसके तहत केंद्र में केपी ओली प्रधानमंत्री बने और सातों प्रदेशों में दोनों दलों की साझा सरकारें बनीं। लेकिन पिछले वर्ष भदौ में जेएनयू आंदोलन के बाद ओली सरकार गिर गई। वर्तमान में प्रदेशों में दोनों दलों की सरकारें संकट में हैं। मधेश, बागमती, गण्डकी, और सुदूरपश्चिम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं जबकि कोशी, लुम्बिनी, और कर्णाली में एमाले के मुख्यमंत्री हैं। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री ने वर्तमान परिस्थिति में प्रदेश सरकारों के टिके रहने की संभावनाएं कम बताई हैं।
नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रदेश सरकारों में अस्थिरता को एमाले की असहयोगी नीति का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा, “सुदूरपश्चिम प्रदेश में बजट को लेकर समस्या आई थी। इसे हल करने के लिए हमारे पास समय था, लेकिन एमाले की ओर से इसे नजरअंदाज किया गया।” उन्होंने कांग्रेस के सामने दो विकल्प बताए। “अब गठबंधन को लगातार बनाए रखना कम संभव है। अगर वे वामपंथी गठबंधन बनाकर सरकार बनाना चाहते हैं तो हम इसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।”