
राइड शेयरिंग सेवा को अनुमति मिलने लगी, अवैध एप संचालन पर कड़ी कार्रवाई
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा।
- गण्डकी प्रदेश सरकार ने साउन 15 तक राइड शेयरिंग सेवा वैध बनाने के लिए कंपनियों को अनुमति लेने की अंतिम समयसीमा दी है।
- सवारी सेवा नेपाल प्रालि को प्रदेश के सवारी एवं यातायात व्यवस्था कानून के तहत राइड शेयरिंग के लिए नेपाल में पहली बार अनुमति मिली है।
- अनुमति न लेने वाली कंपनियां और राइडर पर सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
८ साउन, पोखरा। गण्डकी प्रदेश सरकार ने इस साल वैशाख में राइड शेयरिंग और सेल्फ ड्राइव के नियमों में तीसरी बार संशोधन करते हुए चार पहिया छोटे टैक्सी और सवारी व्यवसायी को सुविधा प्रदान की है। अब केवल काले नंबर प्लेट वाले चार पहिया वाहन राइड शेयरिंग में चलाने की अनुमति दी गई है जबकि लाल नंबर प्लेट वाले वाहन को अनुमति नहीं मिलेगी।
राइड शेयरिंग सेवा संचालित करने के लिए एक कंपनी को अधिकतम ३०० चार पहिया वाहनों तक अनुमति देने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत वाहन कंपनी के स्वामित्व में या किसी अन्य के माध्यम से हो सकते हैं। हालांकि पहले से गण्डकी में टैक्सी के रूप में पंजीकृत कंपनियों को वर्तमान संचालित वाहन से अधिक संख्या में अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह नियमावली टैक्सी व्यवसायी के हित में काम करती है। नए पंजीकरण के लिए 300 वाहन की सीमा निर्धारित है, लेकिन पहले से संचालित कंपनियों को भी अनुमति मिलती रहेगी।
गण्डकी सरकार ने लंबे समय से व्यवसायी की समस्याएं सुनते हुए २०८२ वैशाख अंत में यह नियमावली जारी की थी। नियम जारी होने के बाद मध्य जेठ में व्यवसायी गण्डकी के रास्ते पूरे देश में आंदोलन कर यातायात सेवा ठप कर चुके थे।
फेडरल सरकार ने एक माह के लिए स्थगन का अनुरोध किया, तभी प्रदेश के मुख्यमंत्री सुरेन्द्रराज पाण्डे ने समन्वय कर परिस्थिति नियंत्रण में लायी। उन्होंने व्यवसायी से बात-चीत करके नियमावली बनवाई।
व्यवसायियों के साथ चर्चा के बाद तय किया गया कि चार पहिया वाहन में केवल काले नंबर प्लेट वाले वाहन राइड शेयरिंग एप के माध्यम से चल पाएंगे और इसके लिए अनुमति आवश्यक होगी। राइड शेयरिंग की अनुमति प्राप्त वाहन अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं कर सकेंगे। बावजूद इसके, पोखरा के टैक्सी व्यवसायी अभी तक राइड शेयरिंग एप से अनुमति लेने में अनिच्छुक हैं।
इसके अलावा, दो पहिया वाहन वाले अवैध एप जैसे इनड्राइव, पठाओ बिना अनुमति शुल्क लिए यात्रियों को सेवा दे रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर रही है, पर अवैध संचालक सक्रियरूप से काम कर रहे हैं।
गण्डकी प्रदेश ने राइड शेयरिंग को वैध बनाने के लिए नियमावली लागू की, फिर भी अनुमति न लेने वाले व्यवसायियों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था कार्यालय कास्की के प्रमुख ढाका शर्मा ने बताया कि साउन 15 के बाद बिना अनुमति सेवा चलाने वाली कंपनियों पर सेवाएं बंद कर जुर्माना लगाया जाएगा।
भौतिक पूर्वाधार और यातायात मंत्रालय ने असार 18 को 30 दिन के भीतर राइड शेयरिंग सेवा के लिए पंजीकरण आवेदन मांगा था जो साउन 15 को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद आवेदन न देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
राइड शेयरिंग नियमों के अनुसार अभिलेख न देने पर नियम 7 के तहत कार्रवाई हो सकती है। अनुमति शुल्क दो पहिया के लिए २५ हजार तथा चार पहिया के लिए ५० हजार निर्धारित है।
दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए कुल 70 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा। गण्डकी प्रदेश के आर्थिक कानून अनुसार प्रत्येक वाहन से निश्चित शुल्क लिया जाएगा।
दो पहिया वाहन से 2500 और चार पहिया वाहन से 10,000 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि सार्वजनिक टैक्सी उद्योग को 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। अभी तक चार पहिया वाहन और सेल्फ ड्राइव के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, कार्यालय प्रमुख शर्मा ने बताया।
सवारी सेवा नेपाल बनी पहली कंपनी को राइड शेयरिंग की अनुमति
देशभर में राइड शेयरिंग चलाने वाली किसी भी कंपनी को अभी तक सरकार से अनुमति नहीं मिली थी। संघीय सरकार और अधिकतर प्रदेशों ने अभी तक राइड शेयरिंग संबंधी कानून नहीं बनाए।
गण्डकी प्रदेश द्वारा जारी २०७६ के सवारी तथा यातायात व्यवस्था कानून के तहत २०८२ वैशाख में जारी नियमावली में पहली बार एक कंपनी को अनुमति दी गई है।
सवारी सेवा नेपाल प्रालि नेपाल की पहली कंपनी है जिसे कानूनी रूप से राइड शेयरिंग के लिए अनुमति मिली है। अन्य चार कंपनियां भी आवेदन कर चुकी हैं।
यह कंपनी अब तक 20 चार पहिया वाहन राइड शेयरिंग में चला रही है और 100 से अधिक वाहनों के लिए अनुमति लेने की तैयारी में है।
अन्य कंपनियों में सजिलो नेपाल प्रालि, इकोमो नेपाल, जेम्स ग्रीन इलेक्ट्रो मोबिलिटी सर्विस प्रालि और मुव इन नेपाल प्रालि शामिल हैं।
कार्यालय प्रमुख शर्मा ने कहा, ‘साउन १५ तक गण्डकी में राइड शेयरिंग के लिए अनुमति न लेने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भी कड़ाई से इसे लागू करने का निर्देश दे चुके हैं।’
यातायात व्यवस्था मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में अनुगमन समिति बनायी गई है, लेकिन सार्वजनिक यातायात प्रबंधन, निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई में अभी तक प्रभावी कदम नहीं दिखे हैं।
मुख्यमंत्री पाण्डे ने राइड शेयरिंग एप के माध्यम से सेवाओं के शीघ्र विकास और अवैध संचालकों पर कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं।
राइड शेयरिंग के लिए पंजीकृत वाहन अन्य प्रयोजनों के लिए नहीं इस्तेमाल किए जा सकते, एप सेवा में मीटर या टैक्सी पहचान चिन्ह लगाना भी मना है।
फिर भी, अनुमति न लेने वाले व्यवसायी पोखरा में मनमाना टैक्सी भाड़ा आकार रहे हैं, इसके बारे में ग्राहकों से शिकायतें आ रही हैं।
सेवा प्रदायक कंपनियों को प्रत्येक लेन-देन का 1 प्रतिशत राजस्व प्रदेश सरकार के कोष में जमा करना होगा। फिलहाल इसे मासिक कारोबार के स्व घोषणा के आधार पर कार्यालय में जमा कराया जाता है।
सत्यापन के लिए एक द्विसदस्यीय विशेषज्ञ दल वित्तीय वर्ष के बाद एप का निरीक्षण कर 75 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क पर 10 प्रतिशत छूट और सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन पर 15 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।
पहले नियमों के अनुसार दो पहिया वाहन 20 किलोमीटर तक यात्रा कर सकते थे, जबकि चार पहिया वाहन 50 किलोमीटर तक जा सकते थे।
बिना पंजीकरण चलाने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना और दोबारा होने पर दंड दोगुना भी लगाया जा सकता है। ऑफलाइन संचालन मिलने पर दो पहिया वाहन पर 4,000 और चार पहिया वाहन पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा।