
रोबर्टो मान्सिनी को दोबारा इटली के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नियुक्ति
इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप क्वालीफाईंग में असफल होने के बाद, अप्रैल में गेनारो गट्टुसो ने इटली के मुख्य प्रशिक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था। अब रोबर्टो मान्सिनी उनकी जगह संभालने जा रहे हैं। इटली फुटबॉल महासंघ ने मान्सिनी को पुनः इटली का मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किया है। मान्सिनी के नेतृत्व में इटली ने यूरो 2020 का खिताब जीता था और लगातार 37 मैचों तक अजेय रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष जियोवानी मालागो ने मान्सिनी को मुख्य प्रशिक्षक बनाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति बताया है। 12 साउन, काठमांडू।
रोबर्टो मान्सिनी को दूसरी बार इटली के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। इटली फुटबॉल महासंघ (FIGC) ने मंगलवार को उन्हें नया मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किए जाने की घोषणा की। आंद्रे पिर्लो ने प्रशिक्षक पद के लिए पूर्व में प्रतिस्पर्धा से हटने का निर्णय लिया था और तकनीकी निदेशक पाओलो माल्दिनी ने भी इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मान्सिनी पुनः मुख्य प्रशिक्षक बने हैं। पेप ग्वार्डिओला सहित कई नाम इस पद के लिए चर्चा में थे, लेकिन अंततः मान्सिनी को ही प्रशिक्षक नियुक्त किया गया। 61 वर्षीय मान्सिनी ने 2018 से 2023 तक भी इटली के मुख्य प्रशिक्षक के तौर पर कार्यरत रहे थे।
उनके नेतृत्व में इटली ने इंग्लैंड को पराजित कर यूरो 2020 की उपाधि जीती थी। इसके अतिरिक्त, उनके मार्गदर्शन में इटली ने लगातार 37 मैच तक अजेय रहते हुए विश्व कीर्तिमान कायम किया था। लेकिन 2022 विश्व कप क्वालीफाइंग में असफल होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। पूर्व मिडफील्डर पिर्लो भी मुख्य प्रशिक्षक बनने के इच्छुक थे, लेकिन सोमवारे रूस की एक सट्टेबाजी कंपनी से जुड़े विवाद के कारण पद से हट गए। फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष जियोवानी मालागो ने कहा, ‘रोबर्टो मान्सिनी मुख्य प्रशिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं, इसमें मुझे पूर्ण विश्वास है।’ इसी के साथ, 2015–16 में लेस्टर सिटी को प्रीमियर लीग का खिताब दिलाने वाले क्लाउडियो रानिएरी माल्दिनी की जगह तकनीकी निदेशक पद संभालेंगे।