
बुटवल में नागरिक समाज द्वारा सद्भाव कायम रखने के लिए रैली
सुनसरी के देवानगंज घटना के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए बुटवल में नागरिक समाज ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील के साथ रैली का आयोजन किया है। सामाजिक कार्यकर्ता विरेन्द्र विक ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक परिवारों को उचित राहत तथा क्षतिपूर्ति देने की सरकार से मांग की है। नागरिक समाज के नेताओं ने शांति पूर्ण प्रदर्शन पर अनावश्यक बल प्रयोग न करने के लिए सरकार को सतर्क करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का आह्वान किया है।
१४ साउन, बुटवल। सुनसरी के देवानगंज गाउँपालिका-३, कप्तानगंज में हुए हालिया घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए बुटवल में नागरिक समाज के नेतृत्व में सद्भाव की रैली निकाली गई है। सामाजिक, धार्मिक तथा साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील के साथ पुष्पलाल चोक से ट्रैफिक चोक तक रैली निकाली गई। रैली में नागरिक समाज के नेता, मानवाधिकार कार्यकर्ता, पत्रकार, व्यवसायिक संघों के प्रतिनिधि, विभिन्न धार्मिक समुदायों के नेता तथा कानूनी पेशेवरों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए नागरिक मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता पदम कार्की, सामाजिक कार्यकर्ता विरेन्द्र विक, मानवाधिकारकर्मी गोविंद खनाल सहित अन्य के नेतृत्व में नेपाली समाज में सदियों से स्थापित सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को बाधित न होने देने तथा उसे और मजबूत करने के लिए रैली में सभी पक्षों से अपील की गई। सुनसरी के देवानगंज में गत १० साउन को हुई घटना में पुलिस गोलीबारी के दौरान ओमप्रकाश महतो की मृत्यु हो गई थी जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित २० से अधिक घायल हुए थे। इसके बाद सुनसरी के पांच अन्य इलाकों में कर्फ्यू लागू किया गया। इस घटना से प्रेरित विरोध प्रदर्शन विराटनगर, सिराहा और सप्तरी में भी हुए हैं।
रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत में सामाजिक कार्यकर्ता विरेन्द्र विक ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी राय व्यक्त करने वाले नागरिकों पर अनावश्यक बल प्रयोग, दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा एजेंसियां, राजनीतिक दल, धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं, नागरिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और मीडिया सभी को बड़े दायित्व के साथ संयम बरतना होगा ताकि सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत बनाया जा सके। मृतकों के परिवारों को उचित राहत और क्षतिपूर्ति तथा घायलों के सम्पूर्ण उपचार की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए।’