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नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने तीन और विषयगत समितियों को पूर्णता प्रदान की

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने बैंक, वित्त तथा बीमा, मेला और पर्यटन तथा हवाई यातायात के विषय में तीन और समितियों को पूर्णता प्रदान की है। महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरकृष्ण वैद्य ने समितियों को निजी क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं को पहचान कर नीतिगत रूप से सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। सभापतियों ने बैंकिंग पहुँच, व्यापार मेले के स्तर में वृद्धि से लेकर पर्यटन के प्रवर्द्धन हेतु संबंधित निकायों के साथ समन्वय कर कार्य करने का प्रतिबद्धता व्यक्त की है। १८ साउन, काठमाडौँ।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ में अब कुल तीन और विषयगत समितियों को पूर्णता प्रदान की गई है। इससे पहले आठ विषयगत समितियां पूर्ण थीं। महासंघ में वर्तमान में २५ विभिन्न समितियाँ सक्रिय हैं। नवीन निर्णय के अनुसार बैंक, वित्त तथा बीमा समिति (सभापतित्व: हेमन्त गोल्छा), मेला समिति (सभापतित्व: सविन श्रेष्ठ) और पर्यटन तथा हवाई यातायात समिति (सभापतित्व: संघर्ष विष्ट) का विस्तार कर इन तीन समितियों को पूर्णता प्रदान की गई है। महासंघ सचिवालय टेकु में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विषयगत समितियों के उपसभापति, सदस्य एवं सलाहकारों को मनोनयन पत्र सौंपे गए।

कार्यक्रम में मनोनयन पत्र सौंपते हुए महासंघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरकृष्ण वैदी ने बताया कि समितियाँ निजी क्षेत्र की समस्याओं, संभावनाओं और आवश्यकताओं की पहचान करने वाला एक महत्वपूर्ण संयंत्र हैं। उन्होंने समितियों से आग्रह किया कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों की समस्याओं और नीतिगत विषयों पर गहन शोध कर सरकार के सामने प्रभावी रूप से प्रस्तुत करें। “महासंघ की विषयगत समितियों की सक्रियता ही निजी क्षेत्र के सशक्तीकरण और देश के आर्थिक समृद्धि की बुनियाद है,” वैद्य ने कहा।

महासंघ के वस्तुगत उपाध्यक्ष नरेशलाल श्रेष्ठ ने कहा कि विषयगत समितियाँ महासंघ की नीतियाँ और कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू करने का आधार हैं। उन्होंने समितियों से अनुरोध किया कि वे संबंधित क्षेत्र के व्यवसायी और उद्यमियों के साथ निकट संपर्क में रहकर समस्याओं को समझें और समाधान के लिए पहल करें। उन्होंने आगे कहा कि समितियों को निजी क्षेत्र, सरकार और संबंधित निकायों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं की पहचान एवं समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर बैंक, वित्त तथा बीमा समिति के सभापति हेमन्त गोल्छा ने कहा कि बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में सहज पहुँच, ब्याज दरों की स्थिरता, तरलता प्रबंधन और निजी क्षेत्र अनुकूल नीतियाँ बनाने हेतु समिति सक्रिय रहेगी।