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माडी में २५ मेगावाट विद्युत् प्रसारण के लिए निकुञ्ज में तार भूमिगत किया जाएगा

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज के आठ किलोमीटर क्षेत्र में १७ करोड़ ८६ लाख रुपये की लागत से विद्युत् तार भूमिगत करने का कार्य प्रगति पर है। नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के प्रमुख जितेन्द्रकुमार झाले ने पुरानी आठ मेगावाट तार में समस्या के कारण २५ मेगावाट क्षमता वाले नए तार बिछाने की जानकारी दी है। वैशाख ७ को ठेका समझौता होने के बाद यह आयोजन वर्षा ऋतु के बाद तेज़ी से आगे बढ़ेगा, कार्यालय ने बताया।

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज के आठ किलोमीटर क्षेत्र में विद्युत् तार भूमिगत करने का कार्य शुरू हो चुका है। नेपाल विद्युत् प्राधिकरण बागमती प्रदेश डिवीजन कार्यालय द्वारा निविदा आमंत्रित कर ठेका समझौता किए जाने के बाद यह कार्य आरंभ हुआ है। लगभग रु १७ करोड़ ८६ लाख की लागत से २५ मेगावाट विद्युत् प्रवाह के लिए शारदा एंड सुम्नीमा विसान जेवी द्वारा काम जारी है। वर्तमान भूमिगत विद्युतीकरण में दिक्कतें आने के कारण पुनः नया भूमिगत विद्युतीकरण करने की योजना बनाई गई है, विद्युत् प्राधिकरण बागमती प्रदेश डिवीजन कार्यालय ने बताया।

पहला भूमिगत तार आठ मेगावाट क्षमता का था और उसमें बार-बार समस्याएँ आने के कारण नया तार बिछाने की योजना बनाई गई है। कार्यालय प्रमुख जितेन्द्रकुमार झाले ने कहा, “यह कार्य पुराने तार की जगह पर नहीं बल्कि नई भूमिगत विद्युतीकरण के रूप में हो रहा है।” समय-समय पर विद्युत् प्रवाह में आने वाली समस्याओं के कारण समस्या का पता लगाने में अधिक समय लगता था, इसलिए नई भूमिगत तार की योजना बनाई गई है। ठेका समझौते के साथ ही ठेकेदार कंपनी ने विद्युत् तार का नक्शांकन कार्य पूरा कर २५ मेगावाट क्षमतावाली तार की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है।

माडी में नेपाल विद्युत् प्राधिकरण चनौली वितरण केंद्र विद्युत् प्रसारण का कार्य कर रहा है। इस वितरण केंद्र के प्रमुख रुद्रराज विष्ट के अनुसार यहाँ ११ हजार ७०० ग्राहक हैं, जो मुख्य रूप से घरेलू उपयोग और सिंचाई के लिए विद्युत् उपभोग करते हैं। जिले के माडी नगरपालिका को चारों ओर जंगलों ने घेरा हुआ है और इसका अधिकांश हिस्सा चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज के अंतर्गत आता है। माडीवासियों को सदरमुकाम भरतपुर तक आने-जाने के लिए निकुञ्ज के रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। वैशाख ७ को नौ माह के भीतर काम पूरा करने का ठेका समझौता होने के बाद यह कार्य शुरू हुआ है।