
चीन ने दक्षिण कोरिया से शक्ति राष्ट्रों के बीच कोई पक्ष न लेने का आग्रह किया
५ भदौ, काठमाडौं । चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया से वास्तविक रणनीतिक स्वायत्तता अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया से बड़े शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा में किसी एक पक्ष को न चुनने का निवेदन किया। वांग ने बीजिंग और वॉशिंगटन दोनों के साथ समान रूप से संबंध विकसित करने के लिए सियोल से आग्रह किया। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सून्ग-लाक से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान वांग ने कहा, ‘‘चीन आशा करता है कि सियोल रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करेगा, गुटबंदी या किसी पक्ष को अपनाने से बचेंगे और चीन व अमेरिका जैसे बड़े शक्तियों के साथ अपने रिश्तों को एकसाथ बढ़ाएगा।’’
सियोल में हुई बैठक में वांग ने कोरियाई प्रायद्वीप पर दीर्घकालीन शांति स्थापना के विषय पर भी चर्चा की। वेदों के कारणों को संबोधित करके ही शांति संभव होगी, उन्होंने बताया। उन्होंने उत्तर कोरिया के प्रति वॉशिंगटन की शत्रुतापूर्ण रणनीति समाप्त करने पर जोर दिया। वांग ने कहा, ‘‘चीन आशा करता है कि सभी पक्ष संवाद फिर से शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। इससे आपसी विश्वास बहाल होगा। चीन देखना चाहता है कि प्रायद्वीप शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा में बढ़ेगा। अंततः युद्धविराम व्यवस्था से दीर्घकालीन शांति में रूपांतरण होगा।’’
एक अलग बैठक में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्योङ ने वांग से आगामी एपेक शिखर सम्मेलन का उपयोग द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए करने की बात कही। यह सम्मेलन दक्षिणी चीन में आयोजित हो रहा है। चीन की शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, ली ने कहा, ‘‘मैं नवंबर में एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शेन्ज़ेन जाने का इंतजार कर रहा हूं। मैं इस अवसर का उपयोग करते हुए दक्षिण कोरिया-चीन रणनीतिक सहयोग साझेदारी को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए चीन के साथ काम करना चाहता हूं।’’
दक्षिण कोरिया में चीन के प्रति सकारात्मक सोच में सुधार को लेकर ली ने प्रशंसा व्यक्त की। ली ने वांग को बताया कि चीन के साथ व्यापक सहयोग मजबूत होने की उच्च उम्मीदें हैं। बैठक में वांग ने कहा कि सियोल की ‘तर्कसंगत, व्यावहारिक और सकारात्मक’ चीन नीति उसके हित में होगी। उन्होंने दक्षिण कोरिया से चीन के प्रति मैत्रीपूर्ण नीति बनाए रखने का आग्रह किया। विश्व के अन्य हिस्सों में बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद की ओर संकेत करते हुए वांग ने चीन-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते के दूसरे चरण की वार्ताओं को तीव्र करने का आह्वान किया।