समाचार सारांश
- आज श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर काठमांडू के पशुपतिनाथ परिसर में जनैपूर्णिमा और रक्षाबंधन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।
१२ भदौ, काठमांडू। आज श्रावण शुक्ल पूर्णिमा है। प्रत्येक वर्ष इस दिन जनैपूर्णिमा और रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर वैदिक सनातन धर्मावलंबी नदी, ताल, पोखरी में स्नान करते हैं और गुरु पुरोहित द्वारा रक्षा सूत्र बांधते हैं।
आज सुबह से ही काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है।

पशुपति क्षेत्र के बच्चे भी स्नान करने, रक्षाबंधन बांधने और जनै बदलने में व्यस्त नजर आए। पशुपतिनाथ परिसर के पुरोहित रक्षाबंधन और जनै संबंधी क्रियाकलापों में अपने ढंग से लगे हुए हैं। दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लंबी हैं। रक्षा बंधन बांधने और जनै बदलने के लिए आए भक्तों की भीड़ भी देखी जा सकती है।

इस दिन ब्राह्मण, क्षत्री और वैश्य जातियों के तागाधारी लोगों द्वारा जनै बदलना आवश्यक धार्मिक नियम है, जो शास्त्रों में उल्लेखित है। गुरु पुरोहित द्वारा विधिपूर्वक मंत्रोपचार के साथ पहनी गई डोरी (रक्षा सूत्र) से नकारात्मक तत्वों से सुरक्षा का विश्वास धार्मिक रूप से स्थापित है।

जनैपूर्णिमा पर विभिन्न प्रकार के गेडागुड़ी डाल कर भीगे हुए टोसे उगाकर बनाई गई क्वाँटी खाने की भी प्रचलन है।



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