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रसुवागढी सुरंग के अंदर कोई नहीं मिला, सरकार का दावा और ड्यूटी पर तैनात 3 लोगों का हाल अज्ञात

रसुवा भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद रसुवागढी जलविद्युत् आयोजन के सुरंग में खोजबीन करने पर नेपाली सेना ने बताया कि कोई भी व्यक्ति नहीं मिला है। बाढ़ के समय भूमिगत विद्युत गृह के अंदर ड्यूटी में तैनात किशोर न्यौपाने, सन्तोष पौडेल और छिरिङ तामाङ अभी भी संपर्क विहीन हैं। आयोजन के अनुसार, बाढ़ के बाद 93 कर्मचारी और मजदूर संपर्क विहीन हैं जिनमें कंपनी के कर्मचारी, मजदूरी पर काम करने वाले और निर्माण कंपनी के कामगार भी शामिल हैं। 15 भाद्र, काठमांडू।

रसुवा भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के प्रभाव के बाद 111 मेगावाट क्षमता वाले रसुवागढी जलविद्युत् आयोजन के सुरंग के अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका पर की गई खोज में नेपाली सेना ने बताया कि कोई व्यक्ति नहीं मिला है। हालांकि, बाढ़ के समय सुरंग के अंदर ड्यूटी पर तैनात तीन कर्मचारी अभी भी संपर्क विहीन हैं। सुरंग के अंतिम हिस्से तक पहुंचकर नेपाली सेना, आयोजन के इंजीनियरों और ड्रोन टीम ने खोज की लेकिन कहीं भी मानवीय उपस्थिति नहीं देखी गई है। कोई भी नहीं मिलने के बाद रेस्क्यू टीम धुन्चे लौट गई है।

लेकिन भूमिगत विद्युत गृह के अंदर ड्यूटी पर तैनात उन तीन कर्मचारियों की स्थित‍ि अब भी अज्ञात है। इससे यह सवाल उठता है कि वे बाढ़ के समय कहां गए थे। सुरंग के अंदर खोज में कोई न मिलने की नेपाली सेना की दावे और बाढ़ के समय उसी भूमिगत विद्युत गृह में ड्यूटी पर थे तीन कर्मचारी संपर्क विहीन होने की जानकारी सरकारी खोज और रेस्क्यू पर सवाल खड़ा करती है। आयोजन के एक अधिकारी के अनुसार बाढ़ के समय भूमिगत विद्युत गृह में ये तीन कर्मचारी ड्यूटी पर थे।

बाढ़ आने के समय ड्यूटी पर थे किशोर न्यौपाने (पाल्पा), सन्तोष पौडेल (प्यूठान) और छिरिङ तामाङ (रसुवा)। उनकी स्थिति अब भी अज्ञात है। लेकिन खोज और उद्धार टीम ने कोई व्यक्ति खोज पाने का दावा किया है। बाढ़ के वक्त भूमिगत विद्युत गृह के भीतर उन तीन लोगों के साथ-साथ आयोजन के बाहरी क्षेत्र में भी कर्मचारी और मजदूर कार्यरत थे। आयोजन के अनुसार, बाढ़ के बाद अब तक 93 कर्मचारी और मजदूर संपर्क विहीन हैं।