
मानसिक अस्पताल में रहकर कला सृजन करने वाली पोल्का डॉट्स की महारानी यायोई कुसामा का निधन
पोल्का डॉट्स की महारानी के नाम से प्रसिद्ध जापानी कलाकार यायोई कुसामा का ९७ वर्ष की उम्र में हाल ही में निधन हो गया। उन्होंने वर्षों तक अपनी इच्छा से मानसिक अस्पताल में रहकर जीवनभर कला सृजन किया और बाद में विश्वव्यापी ख्याति प्राप्त की। वह अपने रंगीन थोपलों के लिए जानी जाती थीं। कुसामा ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक चित्र बनाना कभी नहीं छोड़ा।
८० और ९० की उम्र में पहुंचने पर ही कुसामा ने विश्वप्रसिद्धि हासिल की। १९६० के दशक में न्यूयॉर्क की कला दुनिया में पुरुषों का प्रभुत्व था। उस समय कुसामा ने अपने विचार और कला को स्वीकार करवाने के लिए संघर्ष किया। जापान लौटने के बाद उन्होंने मानसिक अस्पताल में भर्ती होकर आर्ट थैरेपी के माध्यम से कला सृजन जारी रखा।
सन् १९९३ में वे प्रतिष्ठित वेनिस बिएनलेमा जापान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली कलाकार बनीं। २०२२ में उनकी चित्रकारी लगभग १०.५ मिलियन डॉलर में बिक्री हुई। लंदन की प्रसिद्ध टेट मॉडर्न गैलरी में प्रदर्शित उनकी “इन्फिनिटी मिरर रूम्स” प्रदर्शनी इतिहास में सबसे अधिक दर्शकों द्वारा देखी गई प्रदर्शनीयों में से एक रही। कुसामा का जन्म सन् १९२९ में जापान के मात्सुमोटो शहर में हुआ था।
उनके कला कार्यों में पोल्का डॉट्स का व्यापक उपयोग होता था, जिन्हें वे शांति और सुरक्षा का प्रतीक मानती थीं। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के माध्यम से वे युवा पीढ़ी में अत्यंत लोकप्रिय हो गई थीं।