
ब्रिक्स देशों ने जेरूसलेम पर कब्जे के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए फिलिस्तीन का समर्थन किया
२७ भदौ, काठमाडौं । ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन ने मध्यपूर्व में फिलिस्तीन का समर्थन किया है। नई दिल्ली में जारी किये गए शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष का न्यायपूर्ण और दीर्घकालीन समाधान केवल शांतिपूर्ण माध्यम से संभव बताया गया है। ब्रिक्स देशों ने दो-राज्य (इज़राइल और फिलिस्तीन) समाधान का समर्थन करते हुए सन् १९६७ की अंतर्राष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर सार्वभौम और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य स्थापना तथा इसकी राजधानी पूर्वी जेरूसलेम निर्धारित करने की बात कही है।
ब्रिक्स देशों ने इज़राइल के कब्जे वाला जेरूसलेम की कानूनी और ऐतिहासिक स्थिति को बदलने वाले एकतरफा कदमों को स्वीकार नहीं करने की बात कही है। उन्होंने शहर के सभी धार्मिक और पवित्र स्थलों की पवित्रता का सम्मान करने तथा सभी लोगों को बिना किसी रोक-टोक के इन धार्मिक स्थलों पर पहुँच कर अपनी धार्मिक परम्पराओं और क्रियाओं का पालन करने का अधिकार सुनिश्चित करने का आव्हान किया है। गाज़ा की मानवीय स्थिति को लेकर भी ब्रिक्स सम्मेलन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है, जहाँ गाज़ा के नागरिक, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य नागरिक अवसंरचनाओं पर हमलों तथा मानवीय सहायता को रोके जाने की कारर्वाई की कड़ी निंदा की गई है।
ब्रिक्स ने गाज़ा में युद्धविराम लागू करने और मानवीय सहायता को निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने फिलिस्तीनियों के जबरदस्ती विस्थापन और गाज़ा के भौगोलिक तथा जनसांख्यिक बदलावों का विरोध किया है। इसके साथ ही, लेबनान में हुए युद्धविराम का स्वागत करते हुए ब्रिक्स ने सभी पक्षों से इसकी शर्तों का पालन करने तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1701 को पूर्ण रूप से लागू करने का आह्वान किया है। मध्यपूर्व और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर ब्रिक्स ने गंभीर चिंता जताई है और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने तथा स्थिति को और बिगाड़ने वाले कार्यों से दूर रहने का अनुरोध किया है। सूडान में बिगड़ती मानवीय संकट पर भी ब्रिक्स ने चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल और स्थायी युद्धविराम तथा वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। घोषणापत्र में सीरिया की सार्वभौमिकता तथा सभी पक्षों को समाहित करने वाली राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन भी व्यक्त किया गया है।