
म्यान्चेस्टर सिटी प्रिमियर लिग के 115 आर्थिक आरोपों में अधिकांश में दोषी पाया गया
म्यान्चेस्टर सिटी को प्रिमियर लिग द्वारा लगाए गए 115 आर्थिक आरोपों में अधिकांश में दोषी ठहराया गया है। स्वतंत्र पैनल ने अपना निर्णय दे दिया है, लेकिन क्लब पर किस तरह की सजा लागू की जाएगी, इस बारे में अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। प्रिमियर लिग ने सन् 2009 से 2018 तक की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 115 आरोप सिटी पर लगाए थे।
इंग्लैंड के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब म्यान्चेस्टर सिटी को प्रिमियर लिग ने लगाये गए 115 आर्थिक आरोपों में से अधिकांश में दोषी पाया है। हालांकि स्वतंत्र पैनल ने निर्णय दे दिया है, परन्तु क्लब को लगने वाली सजा के संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, सिटी ने अधिकांश उल्लंघनों को स्वीकार करते हुए दोषी ठहराया गया है और द एथलेटिक ने बताया है कि 115 में से केवल एक आरोप को छोड़ सभी में क्लब दोषी है।
प्रिमियर लिग ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। म्यान्चेस्टर सिटी ने भी इस निर्णय पर कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की है और कहा है कि प्रक्रिया अभी गोपनीय और जारी है। क्लब ने बताया कि सन् 2023 में अपना आधिकारिक रुख अभी भी कायम है और वे आठ वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान कर रहे हैं।
यदि अंतिम फैसला क्लब के खिलाफ आता है, तो म्यान्चेस्टर सिटी इसके विरुद्ध अपील करने को तैयार है। प्रिमियर लिग ने सन् 2009 से 2018 के बीच की अवधि से संबंधित 115 आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इनमें से 54 आरोप सही वित्तीय विवरण न देने के हैं, 14 आरोप खिलाड़ी और कोच की पारिश्रमिक विवरण में गलत तथ्य प्रस्तुत करने के हैं, 5 आरोप यूईएफए के वित्तीय नियमों का उल्लंघन करने के हैं, 7 आरोप प्रिमियर लिग के पीएसआर नियम का उल्लंघन करने के हैं और 35 आरोप जांच में सहयोग नहीं करने के हैं। म्यान्चेस्टर सिटी का यह विवाद सन् 2018 में ‘फुटबल लिक्स’ के माध्यम से शुरू हुआ था।