१० असोज, काठमाडौं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि सिंधु नदी का पानी रोकने के भारत के किसी भी प्रयास को पाकिस्तान युद्ध का कदम समझेगा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के ८१वें सत्र को न्यूयॉर्क में संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘सिंधु नदी का पानी सिर्फ पाकिस्तान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवनधारा है और वर्तमान में भारत द्वारा इस संधि को तोड़ने का एकतरफा निर्णय कानूनी रूप से निराधार है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘भारत के दावे और कदम संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और न्यायालय (कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन) द्वारा भी खारिज किए जा चुके हैं। पानी का प्रयोग कभी भी हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए। नदियों को देशों को समृद्ध बनाना चाहिए, बांटना नहीं।’
शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, अवरुद्ध करने या उसकी दिशा बदलने के किसी भी प्रयास को ‘युद्ध का कदम’ माना जाएगा। उन्होंने भारत को इस मामले में कोई गलती नहीं करने की चेतावनी दी।
इसी के बीच, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में फिर से कश्मीर मुद्दा उठाया है। शहबाज शरीफ ने कहा, ‘मैं इस मंच से अपने कश्मीरी भाइयों और बहनों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जब तक उन्हें स्वयं निर्णय लेने का अधिकार नहीं मिलेगा, हम उनका कूटनीतिक, राजनीतिक और नैतिक रूप से समर्थन करते रहेंगे।’
उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की जुगलर वेन (जीवन रेखा) बताया और कहा कि यह सदैव बनी रहेगी। भारत के संदर्भ में शहबाज ने आरोप लगाया कि सीमापार से आरएसएस प्रभावित विचारधारा धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है, जिसके कारण भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमले और धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध जैसे परिणाम सामने आए हैं।

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