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डोनल्ड ट्रम्पः ‘खतरा’ के कारण अमेरिका ने ब्रिटेन से बमवर्षक विमान वापस बुलाए

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने “कुछ खतरों के कारण” संयुक्त राज्य अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफर्ड हवाईअड्डे से अपने बमवर्षक विमानों को वापस बुलाने की घोषणा की है। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की थी कि आरएएफ फेयरफर्ड से सभी बमवर्षक विमान अमेरिका लाए गए हैं। ब्रिटेन के इस सैन्य हवाईअड्डे से वापस लिए गए विमानों में लगभग एक दर्जन ‘बी-1’ बमवर्षक शामिल थे। सोमवार को नेब्रास्का रवाना होने से पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अमेरिका में खतरा होने की जानकारी मिलने के बाद बमवर्षक विमानों को वापस लाना आवश्यक हो गया।

इसके पूर्व ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया था कि आरएएफ फेयरफर्ड सुरक्षित है और ट्रम्प ने ब्रिटेन की “पुलिस, सुरक्षा और रक्षा सेवाओं” की प्रशंसा की। 27 सितंबर 2026 को ग्लॉस्टरशर के पास एक हवाईअड्डे पर तीन संदिग्ध वाहन देखे जाने पर ब्रिटिश पुलिस को सूचित किया गया था, जिसके बाद इस बड़े कदम को उठाया गया, ट्रम्प ने उल्लेख किया। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब पूछा गया कि क्या किसी विशेष खतरे की वजह से बमवर्षक विमान वापस लिए गए हैं तो ट्रम्प ने कहा, “हां, मेरे विचार में हम ऐसा कह सकते हैं। यह किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं है।”

शुरुआत में पांच लोगों को हवाईअड्डे के पास आतंकवादी गतिविधि में संलग्न होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद ब्रिटिश-इरानी नागरिक भी गिरफ्तार हुए, जिन्हें भी बाद में जमानत पर रिहा किया गया। व्हाइट हाउस के सूत्रों ने अमेरिकी निर्णय को आरएएफ फेयरफर्ड घटना के जवाब में बताया है। घटना के कुछ दिनों बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एन्डी बर्नम ने बताया कि इस मामले में इरान की संभावित संलिप्तता के “मजबूत संकेत” मिले हैं, लेकिन उन्होंने और जानकारी साझा नहीं की। तेहरान ने घटनाओं में अपनी किसी भी भूमिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

शुरुआत में अमेरिकी वायुसेना के हवाई अड्डे की ओर बढ़ रहे वाहनों की सूचना पर सुबह जल्दी 23 से 25 वर्ष आयु के पांच पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। वे सभी लंदन निवासी ब्रिटिश नागरिक थे। उन पर विस्फोटक सामग्री से संबंधित अपराध और आतंकवादी गतिविधि की तैयारी का संदेह था। पुलिस ने बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया और गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई को अनुभव और रणनीति पर आधारित जांच बताया। अमेरिकी वायुसेना ने दशकों से आरएएफ फेयरफर्ड को “फॉरवर्ड ऑपरेटिंग लोकेशन” के रूप में इस्तेमाल किया है। हाल ही में ब्रिटेन ने इरान के खिलाफ रक्षा हमलों के लिए अमेरिकी अनुरोध को मंजूरी दी थी, जिसके बाद अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने इस基地 से मध्य पूर्व की ओर उड़ान भरी थी। इरान ने जुलाई में चेतावनी दी थी कि ‘‘इरानी क्षेत्र पर हमला करने वाला कोई भी हवाई अड्डा उसके सैनिकों के लिए वैध लक्ष्य होगा।’’