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विशेष सुरक्षा योजना : आज से देशभर लागू, पिछले बार से क्या फर्क है?

आगामी बड़े त्योहारों को ध्यान में रखते हुए बुधवार से देशभर में विशेष सुरक्षा योजना लागू कर दी गई है, यह जानकारी नेपाल पुलिस के प्रवक्ता ने दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना में न केवल आम जनता की सुरक्षा बल्कि औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विषय भी शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने एक पूर्व अतिरिक्त महानिरीक्षक के सुझाव पर ध्यान देते हुए कहा कि हाल की विपद् और बेरोजगारी की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए चोरी और लूटपाट की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है, इसलिए इसके अनुसार रणनीति बनाना आवश्यक है। पुलिस के अनुसार यह विशेष सुरक्षा योजना लगभग डेढ़ महीने, अर्थात छठ पर्व के दूसरे दिन से लेकर कार्तिक ३० गते तक लागू रहेगी। कुछ जिलों ने यह योजना कुछ दिन पहले से लागू कर दी थी, और अब बुधवार से इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया है।
विशेष सुरक्षा योजना के तहत देशभर में ५०,००० से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए जाएंगे। केन्द्रीय पुलिस प्रवक्ता अविनारायण काफ्ले ने बताया कि योजना की अवधि बढ़ाई गई है और अतिरिक्त जनशक्ति एवं तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए इस बार की योजना पिछले वर्षों से भिन्न है। उनका कहना है कि पहले सुरक्षा योजना घटनाओं के बाद लागू की जाती थी, जबकि इस बार इसे पहले से ही लागू किया गया है। “घर तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यात्री और राजमार्ग सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है,” काफ्ले ने कहा।
महिला, बालकिशोर, वरिष्ठ नागरिक और लैंगिक एवं यौन अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले समय में बढ़ते एआई दुरुपयोग और डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी भी इस योजना में शामिल की गई है। “डिजिटल ठगी पर विशेष नजर रखी जा रही है। फेक ऑनलाइन शॉपिंग, फेस्टिव ऑफर, नकली चिठ्ठी और उपहार संबंधी संदेश, फेक निवेश और मुनाफा योजना जैसी घटनाएं हो सकती हैं। एआई का उपयोग कर नकली ऑडियो और वीडियो भी बनाए जा सकते हैं,” काफ्ले ने जानकारी दी।
तकनीकी आधारित सुरक्षा निगरानी के तहत सीसीटीवी से मुख्य बाजार, चौराहे, नाके और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। ड्रोन का उपयोग भी बढ़ाया गया है और एरियल सर्वेलांस भी किया जा रहा है, पुलिस मंत्रालय ने कहा। अधिकतम पुलिसकर्मियों को शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही आवश्यक स्थलों पर खोजी कुत्तों के साथ ‘सर्च ऑपरेशन’ भी संचालित किए जाएंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान समूहों के बीच झगड़े हो सकते हैं तथा सीमा क्षेत्रों में तस्करी जैसी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक राजेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा, “बेरोजगारी और महंगाई के कारण लूटपाट, चोरी और डकैती जैसे आर्थिक अपराध बढ़ने का खतरा बरकरार है।”
केन्द्रीय पुलिस प्रवक्ता काफ्ले ने अपराध नियंत्रण और घटनाओं की सफल जांच पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही और आम जनता से विश्वास के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया।