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एलन मस्क ने लगाए भारत में स्टारलिंक को अवरुद्ध करने वाले उद्योगपतियों पर आरोप

२२ असोज, काठमाडौं। अमेरिकी उद्यमी एलन मस्क ने आरोप लगाया है कि भारत में उनकी उपग्रह इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की एंट्री रोकने के लिए कुछ उद्योगपति सक्रिय हैं। मस्क ने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जवाब में कहा कि भारत में स्टारलिंक की एंट्री रोकने का मकसद कुछ उद्योगपतियों का एकाधिकार बनाए रखना है। ये टिप्पणियां तब आई हैं जब स्टारलिंक भारत में अनुमति प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है। मस्क ने उद्योगपतियों के नाम उजागर नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों ने भारत में उनकी सेवा विस्तार में बाधा डाली है। उन्होंने लिखा, “दुर्भाग्यवश, कुछ खास उद्योगपति हमें रोक रहे हैं जो भारतीय जनता पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं। आप सोच सकते हैं वे कौन हैं। यह भारतीय नागरिकों के खिलाफ एक अपराध है।”

भारत में अभी भी कई ग्रामीण क्षेत्र ब्रोडबैंड इंटरनेट से वंचित हैं, ऐसे में मस्क ने स्टारलिंक की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक उन लोगों को तेज और किफायती इंटरनेट प्रदान कर सकता है, जो वर्तमान में भारत में उचित मूल्य या पहुंच नहीं पा रहे हैं। इससे पहले बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस में स्टारलिंक की बिजनेस ऑपरेशंस उपाध्यक्ष लरेन ड्रेयर ने बताया था कि भारत में सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण जारी है। उन्होंने बताया कि स्टारलिंक ने भारत में 20 गेटवे साइटें बना ली हैं। भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा को भारत में ही रखने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय भी विकसित किए गए हैं। ड्रेयर ने कहा कि भारत सरकार से सभी आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद स्टारलिंक जल्द ही भारत में अपनी सैटेलाइट ब्रोडबैंड सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है।