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ककरोच पार्टी का प्रदर्शन कल से जन्तर मंतर में, दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी

भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए ककरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कल से दिल्ली के जन्तर मंतर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। हालांकि, अब तक दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। सीजेपी के प्रदर्शन को विपक्षी दलों का समर्थन भी प्राप्त हुआ है। प्रदर्शन के पूर्व दिल्ली पुलिस ने ५७ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद करने का निर्णय लिया है। भारतीय रेलवे के निर्णय अनुसार नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से चलने वाली रेल सेवाएं भी १० घंटे के लिए रोकी जाएंगी।

शुक्रवार को एक पत्रकार सम्मेलन में दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नुपुर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी के सहसंयोजक सौरभ दास से प्रदर्शन संबंधी आवेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि आवेदन पर विचार करते हुए सूचना बहुत कम समय पहले मिली थी। नियमों के अनुसार प्रदर्शन के लिए कम से कम १० दिन पहले सूचना देना आवश्यक होता है। प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी सीजेपी को उसी स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन पार्टी ने कानूनी निर्देश और प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया था। उन्होंने कहा, ‘इस परिस्थिति को ध्यान में रखकर इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।’

उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा १६३ लागू है। सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिर भी सीजेपी ने प्रदर्शन से पीछे हटने का फैसला नहीं किया है। पार्टी ने पुलिस पर अपने समर्थकों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने का भी आरोप लगाया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजित दीपक ने सामाजिक मंच एक्स पर लिखा है, ‘१० अक्टूबर को होने वाले हमारे प्रदर्शन से पहले भाजपा सरकार ने देशभर के हजारों युवाओं को हिरासत में लिया है। मोदी, आपकी डराने-धमकाने की कोशिश सफल नहीं होगी। देश के युवा अब आपसे डरते नहीं। मैं कल दिल्ली पहुंचूंगा और किसी भी परिस्थिति में जन्तर मंतर तक मार्च करूंगा।’

प्रदर्शन के लिए ७ हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें से केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कम से कम ७० कंपनियां शामिल हैं। प्रत्येक कंपनी में लगभग १०० सुरक्षाकर्मी होते हैं। ये सुरक्षाकर्मी फिलहाल पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में तैनात हैं और प्रदर्शन से पहले दिल्ली भेजे जाएंगे। छत्तीसगढ़ में तैनात सीआरपीएफ इकाइयों को पूरी तैनाती क्षमता, आवश्यक उपकरण, हथियार और गोला-बारूद सहित तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह परिचालन गृह मंत्रालय के निर्देशन में किया जा रहा है। जन्तर मंतर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। सीजेपी ने मतदाता नामावली के विशेष सघन पुनरावलोकन (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है।