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आप्रवास में कटौती से ऑस्ट्रेलिया की स्वास्थ्य प्रणाली संकट में डालने की चेतावनी

२५ असोज, सिडनी । ऑस्ट्रेलिया में आप्रवास में बड़े पैमाने पर कटौती करने के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, ऐसे समय वहां के चिकित्सकों ने इस विषय पर गंभीर चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार, आप्रवास में किसी भी बड़ी कटौती से खासतौर पर अस्पतालों और क्षेत्रीय समुदायों में अप्रत्याशित एवं गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। डॉ. कृष सुंदराजन २१ साल पहले ऑस्ट्रेलिया आए थे और यहां इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ के रूप में अपना जीवन और करियर संवार रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की समान अवसर प्रणाली से प्रभावित वे कहते हैं, ‘मैं विश्व के किसी और देश में रहना नहीं चाहता। यहां के करियर अवसर और सहायक वातावरण का बेहतरीन संयोजन है और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां के लोग अत्यंत अभूतपूर्व हैं।’

वर्तमान में डॉ. सुंदराजन जैसे चिकित्सक ऑस्ट्रेलिया की मानव संसाधन से जुड़ी गंभीर बहस का केंद्र बने हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के ३० प्रतिशत डॉक्टर, ४० प्रतिशत से अधिक जनरल प्रैक्टिशनर और आधे से अधिक इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ विदेशों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसी तरह, बहुत से विद्यार्थी वीजा पर यहां के मेडिकल स्कूलों में अध्ययनरत हैं। साउथ ऑस्ट्रेलियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष और सह-प्राध्यापक पीटर सुब्रमण्यम का कहना है, ‘वे केवल खाली पद भर रहे नहीं हैं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य प्रणाली को ही वहन कर रहे हैं।’

ग्रामीण ऑस्ट्रेलिया में यह निर्भरता और भी अधिक है। सुब्रमण्यम कहते हैं, ‘वहां स्थानीय डॉक्टर या आप्रवासी डॉक्टर के अलावा कोई विकल्प नहीं है। विकल्प केवल आप्रवासी डॉक्टर या डॉक्टर के न होने का है।’ यह विषय केवल डॉक्टर तक सीमित नहीं है। नर्स और बुजुर्गों की देखभाल करने वाले कर्मचारी भी आप्रवास पर भारी निर्भर हैं। इस क्षेत्र में ५० प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आप्रवासी हैं और अभी हजारों और कर्मचारियों की आवश्यकता है। एजिंग ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉम साइमंडसन कहते हैं, ‘जब हम विदेश से आए लोगों को यहां बसने से रोकने की बात करते हैं, तो हम उन लाखों एज्ड केयर वर्कर्स का अपमान कर रहे हैं, जो हमारी ही मांग पर यहां आए थे।’

विदेशी प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऑस्ट्रेलिया लाने को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। हालांकि, विदेशी प्रतिभा पर अधिक निर्भरता और स्थानीय मानव संसाधन को और अधिक प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर प्रश्न अभी भी कायम हैं। नेशनल्स पार्टी के नेता मैट कैनाभन कहते हैं, ‘हम विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हम जो प्रयास कर रहे हैं वह सिस्टम को संतुलित बनाए रखने का है ताकि जरूरी कौशल हमारे पास भी उपलब्ध रहें।’ यदि आप्रवासी स्वास्थ्यकर्मियों को रोकना या कटौती करना चाहा गया तो केवल स्वास्थ्य प्रणाली लड़खड़ा ही नहीं जाएगी, बल्कि पूरी तरह से ढहने का खतरा है, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है।