
नाउरू ने देश का नाम आधिकारिक तौर पर ‘रिपब्लिक ऑफ नाओएरो’ रखा
प्रशांत महासागर में स्थित टापू राष्ट्र नाउरू ने अपने देश का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘रिपब्लिक ऑफ नाओएरो’ घोषित कर दिया है। राष्ट्रपति डेविड एडियांग ने इस नाम परिवर्तन के निर्णय को अपनी पहचान, सांस्कृतिक विरासत और पूर्वजों की धरोहर की रक्षा के लिए लिया गया बताया। एडियांग ने कहा, ‘यह निर्णय राजनीति से ऊपर है, यह हमारी पहचान, सांस्कृतिक समृद्धि, पूर्वजों की विरासत की रक्षा के साथ-साथ हमारे बच्चों के भविष्य को सशक्त बनाने का मामला है।’
नाउरू की संसद ने पिछले मई महीने में देश के नाम को बदलने के लिए संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दी थी। शुरुआत में इस प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय जनमत संग्रह कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, राष्ट्रपति एडियांग ने बुधवार रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से जनमत संग्रह की योजना रद्द करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘जनमत संग्रह ना कराने का निर्णय विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, क्योंकि नाओएरो नाम ऐसा कोई नया नाम नहीं है जिसे जनता को स्वीकार करना पड़े।’
अब देश का संक्षिप्त नाम ‘नाओएरो’ होगा और यहाँ के नागरिकों को ‘देई-नाओएरो’ के नाम से जाना जाएगा। यूरोपीय उपनिवेशवादियों ने स्थानीय नाम नाओएरो का उच्चारण कठिन पाए जाने के कारण देश का नाम बदलकर नाउरू रख दिया था। करीब 12 हजार की जनसंख्या वाला यह देश वेटिकन सिटी और मोनाको के बाद विश्व का तीसरा सबसे छोटा देश है। सरकार ने नाम परिवर्तन के विषय में अंतरराष्ट्रीय संगठनों और अन्य देशों को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया फिलहाल तेजी से आगे बढ़ रही है।