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बीमाले आर्थिक समृद्धिको साधनका रूपमा विकास गर्न सुझाव

समाचार सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • नेपाल में सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों की सुरक्षा के लिए बीमा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की गई है।
  • यूएनडीपी और नेपाल बीमा प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित अध्ययन व्यवसाय की निरंतरता और आर्थिक उत्थान के लिए बीमे को महत्वपूर्ण साधन के रूप में दर्शाता है।
  • पूर्व वित्त मंत्री रमेश्वर खनाल ने एमएसएमई के जोखिम प्रबंधन में निक्षेप एवं ऋण संरक्षण कोष और बीमा प्राधिकरण की भूमिका को और प्रभावशाली बनाने की बात कही है।

18 साउन, काठमाडौँ। संयुक्त राष्ट्र संघीय विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) नेपाल के सहयोग से ‘इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट स्टडीज’ (आईआईडीएस) द्वारा किए गए अध्ययन ने सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों को प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और अन्य बाधाओं से सुरक्षित रखने के लिए बीमा को विकसित करने का सुझाव दिया है।

अध्ययन में बीमे को केवल वित्तीय उत्पाद नहीं बल्कि व्यवसाय की निरंतरता और आर्थिक उन्नति के महत्वपूर्ण साधन के रूप में विकसित करने पर बल दिया गया है।

यूएनडीपी नेपाल और नेपाल बीमा प्राधिकरण ने सोमवार को ‘रिस्क मैनेजमेंट इन नेपाल्स एमएसएमईज: द इन्श्योरेन्स प्रोटेक्शन गैप’ शीर्षक से अध्ययन रिपोर्ट जारी की।

नेपाल आर्थिक पत्रकार समाज (सेजन) के सहयोग से प्रकाशित यह रिपोर्ट बीमा की पहुंच में मौजूद संरचनात्मक बाधाओं की पहचान करते हुए पहुंच, वहनयोग्यता और उपलब्धता सुधार के लिए विभिन्न नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत करती है।

अध्ययन में नेपाल के सूक्ष्म, छोटे एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में बीमा पहुंच के विस्तार के लिए नीतिगत और नियामकीय सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है।

यूएनडीपी की इन्श्योरेन्स एंड रिस्क फाइनेंस फैसिलिटी (आईआरएफएफ) के सहयोग से आईआईडीएस द्वारा तैयार इस अध्ययन रिपोर्ट के प्रकाशन समारोह में एमएसएमई क्षेत्र में बीमा पहुंच के विस्तार और वित्तीय उत्पादकता मजबूत करने पर उच्चस्तरीय नीतिगत संवाद भी आयोजित किया गया।

अध्ययन में बताया गया है कि एमएसएमई रोजगार सृजन, स्थानीय जीविकोपार्जन और आर्थिक विकास के प्रमुख स्तंभ हैं, जबकि उनकी जोखिमों के प्रति संवेदनशीलता ज्यादा होने के कारण वे जोखिम में अत्यधिक रहते हैं।

इसलिए, आपदा जोखिम प्रबंधन और व्यवसाय की दीर्घकालीन स्थिरता के लिए बीमा प्रणाली को और प्रभावकारी बनाने की आवश्यकता है, जैसा कि रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।

नीतिगत संवाद में सरकारी अधिकारी, नीति निर्माता, नियामक निकाय, बीमा उद्योग, वित्तीय संस्थान तथा एमएसएमई क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने नियामकीय सुधार, नए बीमा उत्पादों का विकास, सार्वजनिक-निजी साझेदारी का विस्तार और स्थायी वित्त तथा आपदा जोखिम वित्तीय प्रबंधन के साथ बीमा को जोड़ने पर जोर दिया।

पूर्व अर्थ मंत्री रमेश्वर खनाल ने नेपाल की आर्थिक विकास में एमएसएमई के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र के जोखिम प्रबंधन में निक्षेप और ऋण सुरक्षा कोष तथा नेपाल बीमा प्राधिकरण की भूमिका को और प्रभावशाली बनाने की बात कही।

उन्होंने बीमा प्रीमियम पर उपलब्ध सरकारी सहायता को मजबूत करके एमएसएमई की उन्नति को बढ़ावा देने की भी धारणा व्यक्त की।

यूएनडीपी नेपाल की आवासीय प्रतिनिधि क्योको योकोसुका ने कहा कि एमएसएमई नेपाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन ये विभिन्न जोखिमों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होने के कारण बीमा संरक्षण के दायरे का विस्तार आवश्यक है ताकि व्यवसाय, रोजगार और संपूर्ण अर्थव्यवस्था का उत्थान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने समावेशी बीमा प्रणाली विस्तार के लिए सरकार, नेपाल बीमा प्राधिकरण, निजी क्षेत्र और विकास साझेदारों के साथ सहयोग बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बीमा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशीलदेव सुवेदी ने कहा कि अध्ययन की सिफारिशें एमएसएमई के लिए बीमा को स्थायी विकास और उत्थान के रणनीतिक निवेश के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी और भविष्य में नीति एवं नियामकीय सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।