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कामगार उत्पादन के लिए नई कंपनी गठन की प्रक्रिया शुरू

इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में नई कंपनी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस कंपनी में 70 प्रतिशत निवेश निजी क्षेत्र का और 30 प्रतिशत सरकार का होगा, ऐसा मंत्री सुनिल लम्साल और रामजी यादव ने जानकारी दी है। श्रमिकों को न्यूनतम दैनिक वेतन एक हजार रुपए तय करने और स्वदेशी जनशक्ति उत्पादन के माध्यम से बेरोजगारी समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी योजना तैयार की गई है।

21 साउन, काठमांडू। इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में आवश्यक कुशल श्रमिकों की कमी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस समस्या के समाधान के लिए विशेष पहल करने वाली है। निर्माण व्यवसायी की भागीदारी से एक नई कंपनी गठित की जाएगी। नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष निकोलस पांडे समेत महासंघ नेतृत्व के साथ गुरुवार को हुई बैठक में मंत्री लम्साल और यादव ने बताया कि कंपनी में 70 प्रतिशत निजी क्षेत्र और 30 प्रतिशत सरकार का निवेश होगा।

इस बैठक में कंपनी स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया। देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए जरूरी जनशक्ति का वास्तविक आंकड़ा नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ उपलब्ध कराएगा, इस पर भी सहमति बनी। मंत्री लम्साल और यादव ने कहा कि यदि देश में ही इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की जरूरत के अनुसार जनशक्ति तैयार हो जाती है तो बढ़ती बेरोजगारी की समस्या में मदद मिलेगी।