
सहकारी क्षेत्र की समस्याएँ लगातार जटिल होती जा रही हैं
नेपाल के सहकारी क्षेत्रों में देखी जा रही समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा की गई कोशिशें बचतकर्ताओं की अपेक्षाओं से काफी कम साबित हो रही हैं। काठमांडू महानगरपालिका के अंतर्गत आने वाले 187 सहकारी संस्थाओं ने बचत लौटाने में असमर्थता जताई है, जबकि देशभर हजारों बचतकर्ता अपनी रकम वापसी के इंतजार में हैं। सहकारी विशेषज्ञ डा. रमेश चौलागाईं का कहना है कि संचालकों द्वारा छुपाए गए सम्पत्ति की पहचान कर उसे बेचकर बचतकर्ताओं को उनका पैसा लौटाना एक कठिन कार्य है। २२ साउन, काठमांडू।
सरकार समस्याग्रस्त 23 सहकारी संस्थाओं के छोटे बचतकर्ताओं को कुछ राशि लौटाने के प्रचार में लगी हुई है। लेकिन, लाखों की संख्या में ऐसे बचतकर्ता जो अपनी बचत नहीं पा रहे हैं, के बीच भी सरकार का ध्यान केवल समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं तक सीमित है। स्थानीय तह की सहकारी संस्थाओं में रखी गई बचत नहीं मिलने की शिकायतें बचतकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई जा रही हैं। काठमांडू महानगरपालिका के 187 सहकारीों ने अपने हजारों बचतकर्ताओं को लगभग 8 अरब रूपए से अधिक की राशि लौटाने में विफलता जताई है, जिसकी शिकायत महानगरपालिका में दर्ज हुई है।
सहकारी बचतकर्ता संरक्षण राष्ट्रीय अभियान महासंघ में अब तक 619 से अधिक सहकारी पीड़ित जुड़े हैं। महासंघ ने समस्याग्रस्त सहकारी घोषित करने हेतु विभिन्न निकायों को आवेदन दिया है। राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण के अनुसार अब तक 800 से अधिक सहकारी संस्थाओं के खिलाफ 894 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार आने के बाद प्राधिकरण बिना नेतृत्व के कार्यरत है। अब तक केंद्रीय सरकार ने 23, बागमती प्रदेश ने 5 और कोशी प्रदेश ने 1 सहकारी को ही समस्याग्रस्त घोषित किया है। संबंधित संस्थान समस्याग्रस्त सहकारी घोषित करने में हिचकिचा रहे हैं।