
मलेशियाई सूची में शामिल २५ म्यानपावर कंपनियों ने नाम वापस लेने का निर्णय
मलेशिया के विदेशी श्रमिक केंद्रीकृत प्रबंधन प्रणाली (FWCMS) में सूचीबद्ध नेपाल की २५ म्यानपावर कंपनियों ने इस प्रणाली से अपने नाम हटाने का निर्णय लिया है। युवा, श्रम तथा रोजगार मन्त्रालय में हुई बैठक में महासचिव हरि बहादुर डाँगी ने बताया कि २५ों म्यानपावर कंपनियों के नाम तत्काल हटाने का सहमति बनी है। व्यवसायियों ने सीमित कंपनियों को ही मलेशियाई रोजगारदाताओं के साथ जोड़ने की व्यवस्था को एक सिंडिकेट की कोशिश बताया और इसका विरोध किया था।
मलेशिया ने नेपाली श्रमिकों को ले जाने के लिए लगभग १,२०० लाइसेंस प्राप्त म्यानपावर कंपनियों में से केवल २५ को ही FWCMS में ‘रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसी’ के रूप में सूचीबद्ध किया था। इसके बाद व्यवसायियों की आपत्ति के कारण उन म्यानपावर कंपनियों को संघ ने सदस्यता से निलंबित भी कर दिया। संघ ने सरकार से उनकी कार्रवाई के लिए कदम उठाने की भी मांग की थी।
इस विवाद के बीच FWCMS में सूचीबद्ध २५ म्यानपावर कंपनियों ने सामूहिक रूप से इस प्रणाली से बाहर निकलने पर सहमति जताई है। महासचिव डाँगी के अनुसार, ये कंपनियां यह निष्कर्ष पर पहुँची हैं कि केवल इन्हीं को सीमित कर श्रमिक भेजने की व्यवस्था दीर्घकालिक हित में नहीं है। इसी कारण उन्होंने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही २५ म्यानपावर कंपनियों को वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ में प्रतिबद्धता भी प्रस्तुत करनी होगी। मंत्रालय ने सूची में शामिल २५ म्यानपावर कंपनियों को चर्चा के लिए बुलाया था।युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्री रामजी यादव ने मलेशिया के कार्यवाहक राजदूत के साथ हुई बातचीत में श्रम आप्रवासन संबंधी मुद्दों को द्विपक्षीय संवाद और सहमति से ही हल करने की बात कही।