
बाढीपीडितों के लिए अस्थायी आवास की संख्या निर्धारित करने हेतु सर्वेक्षण शुरू
सरकार ने भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक अस्थायी आवासों की संख्या निर्धारित करने हेतु स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। शहरी विकास तथा भवन निर्माण विभाग दाताओं द्वारा बनाए जाने वाले घरों के लिए मापदंड तैयार कर रहा है, ताकि सरकार और गैरसरकारी संस्थाओं के आवास एक समान मानकों पर आधारित हों। ताजा आंकड़ों के अनुसार बाढ़ में 1,367 मृतकों के शव मिले हैं, 5,132 लोग लापता हैं और 32,933 लोग प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।
सरकार ने भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ प्रभावितों को अस्थायी आवास की आवश्यकता वाले परिवारों की संख्या निर्धारित करने के लिए सर्वेक्षण शुरू किया है। पूर्वाधार विकास मंत्रालय के पुनर्स्थापना तथा आश्रय व्यवस्थापन कार्यदल के संयोजक प्रकाश अर्याल के अनुसार, अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में वर्तमान में रह रहे सभी नागरिकों को अस्थायी आवास की आवश्यकता नहीं हो सकती है। स्थानीय तह के माध्यम से आवास की जरूरत रखने वाले नागरिकों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए यह सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है।
वर्तमान में गल्छी, बिदुर सहित अन्य क्षेत्रों में अस्थायी आवास के लिए स्थान निर्धारित करने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों के होल्डिंग सेंटरों में रहने वाले नागरिकों को उनकी इच्छा के अनुसार अस्थायी आवास प्रदान किया जाएगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय भी किया जाएगा।
सरकार के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,367 मृतकों के शव मिले हैं। 5,132 लोग लापता हैं, जिनमें रसुवाका 1,393 और नुवाकोट के 651 व्यक्ति शामिल हैं। विभिन्न स्थानों पर 37 होल्डिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें वर्तमान में 3,628 लोगों को आपातकालीन आवास उपलब्ध कराया गया है। राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से निजी आवासों के 7,570 घर पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।