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नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के विश्वास में वृद्धि का दावा किया

२८ भदौ, काठमाडौं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ग्लोबल साउथ के देशों का ब्रिक्स के प्रति विश्वास तीव्र रूप से बढ़ा है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर कही। ‘‘मैं अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि ग्लोबल साउथ के राष्ट्रों ने ब्रिक्स के प्रति भरोसे को अत्यंत मजबूत बनाया है,’’ मोदी ने कहा, ‘‘क्योंकि यहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है, उनके अनुभवों का आदर किया जाता है, और समाधान उनके लिए ही नहीं, बल्कि मिलकर तैयार किए जाते हैं।’’

मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की ताकत विविधता और सहयोग में निहित है। ‘‘हम विभिन्न वास्तविकताओं पर आधारित हो सकते हैं, पर सहयोग के माध्यम से हम एक साथ आगे बढ़ते हैं और लगभग पूरी मानवता के हित के लिए समृद्धि लाते हैं,’’ उन्होंने कहा। ब्रिक्स देशों की विविधता को बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया। ‘‘हमारा सहयोग प्रेरणा का स्रोत होना चाहिए और हमारी प्रगति पूरी मानवता को लाभ पहुंचानी चाहिए,’’ मोदी ने जोड़ा।

कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और जियोस्पेशियल तकनीक पर जोर देते हुए, मोदी ने कहा कि प्रस्तावित ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड नई और विस्तार योग्य समाधान को प्रोत्साहित करेगा। ब्रिक्स डिजिटल कृषि नेटवर्क के माध्यम से किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एआई, जियोस्पेशियल तकनीक और डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा, उन्होंने समझाया। प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के हथियारबंदी से साझा प्रगति में बाधा आ सकती है, इसकी भी मोदी ने चेतावनी दी। साथ ही तकनीक के उपयोग और पहुँच को सबके लिए समावेशी बनाने की नीति की आवश्यकता पर उन्होंने प्रकाश डाला।