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आज से शुरू हुआ टीकापुर साहित्य महोत्सव का तीसरा संस्करण


१३ चैत्र, काठमांडू। ‘टीकापुर साहित्य महोत्सव २०८२’ का तीसरा संस्करण आज से शुरू हो रहा है। टीकापुर साहित्य समाज और सुदूरपश्चिम प्रज्ञाप्रतिष्ठान के संयुक्त आयोजन में सांस्कृतिक नगरी टीकापुर में यह महोत्सव आयोजित किया गया है।

चैत १५ तक चलने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति तथा स्थानीय जीवन के विभिन्न पहलुओं को एक मंच पर प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर का साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव बनने की अपेक्षा रखता है, जैसा कि आयोजकों ने बताया है।

इस तीसरे संस्करण को ‘थारू साहित्य और सांस्कृतिक उत्सव’ के रूप में केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य नेपाल के थारू समुदाय की समृद्ध मौलिकता, परंपरा, लोकजीवन, भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति और जीवनशैली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है।

हम इस प्रयास के माध्यम से सुदूरपश्चिम प्रदेश की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत तथा स्थायी बनाकर, बहुभाषीय और बहुसांस्कृतिक सह-अस्तित्व का राष्ट्रीय संदेश देने में विश्वास रखते हैं।

महोत्वस के दौरान विभिन्न विषयों पर कुल २७ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भाषा, साहित्य, कला, संगीत, स्थानीय जीवन, इतिहास, पहचान, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा, विमर्श और संवाद होगा।

देश के प्रतिष्ठित भाषाविद, साहित्यकार, कलाकार, चिंतक, पत्रकार, शोधकर्ता और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी महोत्सव को समृद्ध और गरिमामय बनाएगी, यह जानकारी संस्थापक संयोजक महेशविक्रम शाह ने दी।

तीसरे संस्करण की पहली कड़ी में कर्णाली नदी में जलविहार और थारू सांस्कृतिक नृत्य का प्रदर्शन होगा। दूसरी कड़ी में सड़क नाटक प्रस्तुति, लेखन कार्यशाला और प्रदेश स्तरीय कविता महोत्सव शामिल हैं।

तीसरी कड़ी में नाट्य प्रदर्शन, थारू समुदाय की लोकसंस्कृति का प्रदर्शन, बौद्धिक संवाद, कविता श्रवण, ग़ज़ल श्रवण, संगीत कार्यक्रम तथा सुदूरपश्चिम के देउड़ा गायन और खेलकूद गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

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