
अस्ट्रेलिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य बनने के लिए अभियान शुरू किया
अस्ट्रेलिया ने सन् २०२९-३० के दो वर्षीय कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने हेतु औपचारिक अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानिज़ ने न्यूयॉर्क में अपनी उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए शांति, जलवायु, समुद्री सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भूमिका निभाने पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा सन् २०२८ जून में गोपनीय मतदान के माध्यम से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चयन करेगी, जिसके लिए दो तिहाई मत आवश्यक होंगे। ५ असोज, काठमाडौं।
अस्ट्रेलिया ने सुरक्षा परिषद में रहकर अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा, संघर्ष रोकथाम, जलवायु और समुद्री सुरक्षा तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों में सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा जाहिर किया है। अल्बानिज़ ने विश्व के विभिन्न हिस्सों में हो रहे संघर्षों और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के कारण अस्ट्रेलिया की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर प्रभाव पड़ने का उल्लेख करते हुए वैश्विक मामलों में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
अस्ट्रेलिया ने सुरक्षा परिषद का सदस्य बनकर छोटे और मध्यम आकार के देशों की आवाज़ को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी रूप से उठाने का दावा किया है। इस अभियान का नारा है ‘‘वी लिसन, वी पार्टनर, वी प्रोटेक्ट’’। सन् २०२८ के जून में मतदान होगा और सन् २०२९-३० के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य चुने जाएंगे।
अस्ट्रेलिया पहले भी पाँच बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। इसका पिछला कार्यकाल सन् २०१३-१४ था। इस बार चुनाव जीतने पर अस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।