
७१वें स्थापना वर्ष पर पत्रकार महासंघ का सरकार पर संचार से जुड़ी कानून लाने का विश्वास: अध्यक्ष शर्मा
१६ चैत, काठमाडौं। नेपाली पत्रकारों की साझा संस्था नेपाल पत्रकार महासंघ आज अपना ७१वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर महासंघ ने काठमाडौँ उपत्यका और देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है। स्थापना दिवस के मौके पर महासंघ की अध्यक्ष निर्मला शर्मा ने संदेश जारी करते हुए जिम्मेदार पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनता को सही सूचना प्राप्त करने का अधिकार सुनिश्चित करने और समाज की अपेक्षा के अनुरूप भूमिका निभाने का सभी से आग्रह किया।
सात दशक के लम्बे इतिहास वाली और देश की सबसे पुरानी तथा अग्रणी नागरिक संस्था के रूप में स्थापित महासंघ ने प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा करते हुए श्रमजीवी पत्रकारों के हित में समर्पित होकर काम किया है, यह बात अध्यक्ष शर्मा ने शुभकामना संदेश में कही। ‘‘व्यावसायिक और जवाबदेह पत्रकारिता के माध्यम से सुदृढ़ लोकतंत्र और विधि के शासन की स्थापना को प्राथमिकता देते हुए काम किया जा रहा है,’’ उन्होंने संदेश में लिखा, ‘‘महासंघ मानव अधिकारों की रक्षा, सही सूचना पाने के नागरिक अधिकार की रक्षा सहित सार्वजनिक सरोकार के विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।’’
लोकतंत्र से पत्रकार और पत्रकारिता का अभिन्न संबंध बताते हुए अध्यक्ष शर्मा ने कहा, ‘‘कुछ परिस्थितियों में व्यावसायिक जिम्मेदारी से परे सार्वजनिक सरोकार के विषयों पर भी अभिव्यक्ति आवश्यक हो सकती है।’’ ‘‘संविधान से प्रदत्त प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर राज्य का कोई भी अंग या किसी भी स्तर से किसी भी नाम पर संकुचन या नियंत्रण का प्रयास हो तो उसका प्रतिरोध करना हमारा कर्तव्य है,’’ उन्होंने जोर दिया। ‘‘लोकतांत्रिक संविधान लागू हुए दशक बीत चुका है, फिर भी प्रेस स्वतंत्रता हनन की घटनाएँ बढ़ रही हैं और महासंघ इसका सदा विरोध करेगा।’’
हाल ही में सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद लगभग दो तिहाई बहुमत वाली सरकार के लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त करने की विश्वास महासंघ ने व्यक्त की है। साथ ही, अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि लंबे समय से रुके हुए संचार से संबंधित तथा अन्य आवश्यक कानूनों को महासंघ सहित सम्बंधित पक्षों के साथ चर्चा कर बनाना सरकार से निवेदन है। जेन्जी आंदोलन के दौरान संघर्षरत संचार गृह और दुर्घटना में घायल पत्रकारों के लिए क्षतिपूर्ति सुनिश्चित कर मनोबल बढ़ाना आवश्यक बताया महासंघ के संकलित विवरण के अनुसार उन्होंने उल्लेख किया।
सूचना प्रौद्योगिकी के विकास के साथ सोशल मीडिया के प्रयोग ने मिथ्या सूचना के प्रवाह का चुनौती प्रस्तुत की है, इस पर अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भी जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए महासंघ की मर्यादा ऊंची बनाए रखना और इतिहास के गौरव को नई ऊँचाई पर ले जाना हमारी जिम्मेदारी है। पत्रकारों की भौतिक और पेशागत सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय संघ संस्थाओं के साथ संबंध और मजबूत करने में महासंघ सक्रिय है, यह भी उन्होंने बताया। महासंघ ने सभी संचार माध्यमों तथा श्रमजीवी पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा कोष में शामिल कराने का पहल भी आगे बढ़ाया है, इसकी जानकारी उन्होंने दी।