
गांधी जयंती पर जंतर-मंतर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
गांधी जयंती अर्थात 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विशाल प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। निर्वाचन आयोग की कार्यशैली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए मतदाता सूची के अद्यतन और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। इस प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोकरेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) ने किया है।
प्रदर्शन के आह्वान के बावजूद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर में मार्च आयोजित करने की अनुमति नहीं दी है। अनुमति न मिलने के बाद भी संगठनों ने जंतर-मंतर में इकठ्ठा होने की योजना बनाई, जिसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचने वाली सड़कों पर बैरिकेड लगाकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। नई दिल्ली के डीसीपी ने सामाजिक मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘नई दिल्ली जिले में सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात के सुचारू संचालन हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत बिना अनुमति लोगों का इकट्ठा होना, सार्वजनिक भाषण देना, नारे लगाने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन या धरना देने सहित आदेश में उल्लिखित अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।’
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की व्यापक आलोचना हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘मोदी/शाह के निर्देशों पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली को पूर्णतः बंद कर दिया है। 11 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, निषेधाज्ञा लागू की गई है और इंटरनेट भी बंद है। पुलिस ने जंतर-मंतर का घेराव किया हुआ है और वहां मौजूद लोगों को नियंत्रण में ले रही है। सांसद मनोज झा को भी हिरासत में लिया गया है।’
वहीं मुंबई में भी ‘ककरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजित दीपके ने 2 अक्टूबर को दोपहर 4 बजे शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’ करने की घोषणा की है। मुंबई पुलिस ने ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन की अनुमति न देने के बाद दीपके ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। हालांकि मुंबई पुलिस ने 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार शिवाजी पार्क को ‘साइलेंस जोन’ घोषित किया है, जहां किसी सभा या समारोह की अनुमति नहीं दी जाती। प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (आप) का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है। आप की विधायक और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने जनता से प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।