
भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य
भदौ १० की भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव कार्य अब पुनर्वास केंद्रित कार्यों की ओर बढ़ रहा है, ऐसा राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया। प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख धर्मराज उप्रेती के अनुसार, सरकार पीड़ितों को राहत प्रदान करने, अस्थायी आवास का निर्माण करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधार के लिए विभिन्न परियोजनाएं चला रही है। “इस समय १८ होल्डिंग सेंटरों में रह रहे व्यक्तियों को निरंतर राहत प्रदान की जा रही है। जल्द ही उनकी अस्थायी आवासों में शिफ्टिंग शुरू होगी, जिसमें पूर्वाधार मंत्रालय भी सहयोग कर रहा है,” उप्रेती ने कहा। “इसके अलावा, मार्ग मरम्मत और पुनर्निर्माण, नदियों की खुदाई के लिए विस्फोट कार्य, नए पुल और बेलिब्रिज का निर्माण शुरू किया गया है।”
इस भारी भौतिक और मानवीय क्षति वाले बाढ़ में १,४५३ लोगों की मृत्यु हुई और अभी भी ५,२८५ लोग लापता हैं, जैसा कि प्राधिकरण ने बताया। विस्थापितों की संख्या लगभग ३३ हजार के करीब पहुंचने का अनुमान है। विस्थापित परिवारों के लिए आरंभ में वित्तीय सहायता प्रदान करना, फिर अस्थायी आवास की व्यवस्था करना और अंततः निजी आवास निर्माण में सहायता कराने की योजना बनाई गई है। सरकार ने भदौ २५ को निर्णय लिया कि स्थायी आवास बनने तक चार सदस्यीय परिवार को छह महीने तक मासिक १५,००० रुपये दिया जाएगा। चार से अधिक सदस्यों वाले परिवारों के प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य को मासिक दो हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
अभी तक मुख्य रूप से लाभार्थियों की पहचान, सड़क निर्माण और झूला पुल निर्माण जैसे कार्य हो रहे हैं। प्राधिकरण की विपद् प्रतिकार्य शाखा के उपसचिव रामबहादुर केसी के अनुसार होल्डिंग सेंटरों में रह रहे लोगों की संख्या दिन-ब-दिन कम हो रही है। उन्होंने बताया कि अब होल्डिंग सेंटरों में लगभग १,००० लोग ही हैं, जबकि शुरू में यह संख्या लगभग ४,८०० थी। “होल्डिंग सेंटरों में रह रहे लोगों की जीवनयापन और आवास सुविधा को बेहतर बनाने हेतु लाभार्थियों की पहचान और पंजीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है,” उपसचिव केसी ने कहा।
सरकार द्वारा भेजा गया फॉर्म स्थानीय तहों में वितरित किया जा चुका है और प्रभावित लोग फिलहाल फॉर्म भर रहे हैं। वार्ड स्तर पर विपद् समिति की बैठक के बाद नामों की पुष्टि कर नगरपालिकाएं जिला विपद् प्रबंधन समिति को सौंपेंगी और फिर यह प्राधिकरण तक पहुंचेगा। “अभी तक धनराशि से धन निकासी नहीं हो पाई है, लेकिन रेडक्रॉस सहित विभिन्न संस्थाओं ने जो निधि उपलब्ध कराई है वह वितरित कर दी गई है। हम दशहरा से पहले नागरिकों तक न्यूनतम ५०,००० रुपये पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं,” उपमेयर प्रभा बोगटी ने जानकारी दी।