
सऊदी अरब के तेल प्रसंस्करण केंद्र पर हूथी विद्रोहियों ने किया हमला, जिम्मेदारी ली
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यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अरामको के तेल प्रसंस्करण केंद्र पर किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है।
समाचार माध्यमों के अनुसार, हूथियों ने शनिवार को हुए इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया था।
हूथी विद्रोहियों ने कहा है कि यह हमला सऊदी अरब द्वारा यमन की राजधानी सना और अन्य क्षेत्रों पर किए गए हमलों का जवाब था।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शनिवार सुबह रियाद के अरामको तेल प्रसंस्करण केंद्र के नजदीक धुंआ और आग के गुबार उठते देखे गए।
प्रतिक्रिया आना बाकी है
सऊदी अरब के अधिकारियों ने अरामको तेल प्रसंस्करण केंद्र पर हमले की पुष्टि अभी तक नहीं की है।
अरामको ने भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सऊदी सरकार के स्वामित्व वाली अरामको विश्व की सबसे बड़ी ऊर्जा और रासायनिक कंपनियों में से एक है।
सितंबर के पहले सप्ताह में इराक से ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया था।
लगभग १२०० किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब को बिना होर्मुज जलमार्ग का उपयोग किए तेल की सप्लाई करने में मदद करती है, जो विश्व का सबसे बड़ा कच्चा तेल निर्यातक है।
यमन में हूथी विद्रोहियों पर हमला
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यमन की सरकारी सेना ने राजधानी सना और हूथी विद्रोहियों के कड़े काबू वाले साधा क्षेत्र में इरान समर्थित हूथी विद्रोहियों को निशाना बनाकर हमले की सूचना दी है।
सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि वे मुख्य रणनीतिक स्थलों पर हमले कर रहे हैं। इससे पहले हूथी विद्रोहियों के संचालित अल मसिरा टीवी ने बताया था कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने राजधानी पर बार-बार बमबारी की है।
इरान के साथ युद्ध के बाद से ही हूथी विद्रोहियों ने सऊदी के तेल प्रसंस्करण केंद्रों और जहाजों को निशाना बनाकर समुद्री नाकाबंदी जारी रखी है।
हूथी विद्रोही रेड सी के तटवर्ती रणनीतिक स्थलों पर भी नियंत्रण बनाए हुए हैं।
इरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने इस वर्ष जुलाई से सऊदी अरब पर हमलों की तीव्रता बढ़ाई है।
हूथी विद्रोही उस यमन सरकार के खिलाफ गृहयुद्ध लड़ रहे हैं जिसे सऊदी अरब समर्थन देता है और जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस संघर्ष के कारण यहां हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
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