
फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार फ्रान्सिस हाल्जेन को प्रदान किया गया
19 असोज, काठमाडौं। सन् 2026 का नोबेल भौतिकशास्त्र पुरस्कार वैज्ञानिक फ्रान्सिस हाल्जेन को प्रदान करने का निर्णय रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ ने लिया है। उन्हें आइसक्यूब न्युट्रिनो अब्ज़र्वेटरी की स्थापना एवं उच्च ऊर्जा वाले अंतरिक्षीय न्यूट्रिनो कणों का पता लगाने के लिए यह सम्मान दिया गया है। हाल्जेन ने दक्षिण ध्रुव की बर्फ का उपयोग कर न्यूट्रिनो कणों की पहचान करने की अवधारणा प्रस्तुत की थी। उन्होंने यह योजना सन् 1988 में पहली बार सार्वजनिक की थी।
न्यूट्रिनो ब्रह्मांड में व्यापक रूप से फैले हुए होते हैं और ये कण पृथ्वी और मानव शरीर से बड़ी आसानी से गुजर जाते हैं। उनके बीच कभी-कभी न्यूट्रिनो एटमिक न्यूक्लियस से टकराते हैं। एटमिक न्यूक्लियस से न्यूट्रिनो के टकराने पर उत्पन्न प्रकाश की चमक को दक्षिणी ध्रुव की साफ बर्फ में स्थित सेंसर द्वारा दर्ज किया जाता है। इसी सिद्धांत पर आधारित आइसक्यूब अब्जर्वेटरी को सन् 2011 में दक्षिण ध्रुव में एक क्यूबिक किलोमीटर क्षेत्रफल में स्थापित किया गया था।