
एन्फा अध्यक्ष और महासचिव सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
अखिल नेपाल फुटबल संघ (एन्फा) के अध्यक्ष पंकजविक्रम नेम्बाङ और महासचिव किरण राई सहित चार लोगों के खिलाफ जिला अदालत ललितपुर में मुकदमा दायर किया गया है। २३ असोज, काठमाडौं। जिला सरकारी वकिल कार्यालय ललितपुर ने एन्फा में बताई गई आर्थिक अनियमितताओं और नेपाल–बहरीन अंतरराष्ट्रीय फुटबल मैच से जुड़ी आपराधिक प्रकरणों में इन लोगों को प्रतिवादी बनाया है। यह मुकदमा अध्यक्ष नेम्बाङ, महासचिव राई, कोषाध्यक्ष रविन्द्र जोशी और लेखा अधिकृत संजीव पाण्डे के विरुद्ध दायर किया गया है।
सरकारी वकिल कार्यालय ने खेलकुद विकास ऐन, २०७७ की धारा ३३ (ग) एवं मुलुकी अपराध संहिता, २०७४ की धारा २४९ की उपधारा ३ (क) के तहत आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। नेपाल पुलिस के केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) की जांच में एन्फा नेतृत्व द्वारा विभिन्न मामलों में अनियमितता पाए जाने का निष्कर्ष निकला था। इसी आधार पर सरकारी वकिल कार्यालय ने मुकदमा दायर किया है। बहरीन के साथ हुए मैच से लेकर खेल सामग्री खरीद तक की अनियमितताओं के कारण २०२४ में फिफा विश्वकप क्वालीफायर के तहत नेपाल और बहरीन के बीच खेल नेपाल में नहीं हो पाने की परिस्थितियां उत्पन्न करने में एन्फा नेतृत्व की भूमिका पाई गई है, जैसा सीआईबी की रिपोर्ट में उल्लेख है।
दशरथ रंगशाला का मैदान अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए अप्रिज्ञत किया गया और एशियाई फुटबल महासंघ (एएफसी) ने इसे तटस्थ मैदान पर खेलने का निर्देश दिया। इससे पहले ही एन्फा महासचिव राई ने बहरीन में मैच आयोजित करने का समझौता किया था, जो रिपोर्ट में दर्ज है। इसके अतिरिक्त, बहरीन फुटबल संघ से मैच टिकट बिक्री से होने वाली २० हजार अमेरिकी डॉलर की आय एन्फा के संस्थागत खातों में जमा नहीं हुई। वहीं, खिलाड़ी और अधिकारियों के हवाई टिकटों के खर्च के रूप में ३८ लाख ५८ हजार रुपये से अधिक एन्फा के खाते में जमा हुए, यह भी रिपोर्ट में बताया गया है।
सीआईबी ने केल्मी ब्रांड की खेल सामग्री खरीद में भी गड़बड़ी पाई है। १० लाख रुपये से अधिक की खरीद पर बोली प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जबकि खरीद प्रक्रिया में शामिल तीन कंपनियां एक ही स्वामित्व वाली थीं, जैसा राखेप की उपसमिति की रिपोर्ट में उल्लेख है। पिछले डेढ़ दशक में एन्फा ने लगभग १४ से १५ करोड़ रुपये की खेल सामग्री की खरीदारी की है और इसके वितरण में भी अनियमितता पाई गई है। इसके अलावा, फिफा से प्राप्त विश्वकप के ३३० ऑनलाइन टिकटों के वितरण और बिक्री में पारदर्शिता की कमी रही और शेर्पा आउटडूर्स के साथ खेल सामग्री खरीद और प्रायोजन राशि में भी गड़बड़ी मिली है, जो सीआईबी के निष्कर्ष हैं।
मुकदमा दायर चार में से कोषाध्यक्ष जोशी और लेखा अधिकृत पाण्डे फिलहाल सीआईबी की हिरासत में हैं। अध्यक्ष नेम्बाङ और महासचिव राई की गिरफ्तारी के लिए अदालत से और समय देने का सरकारी वकिल कार्यालय ने अनुरोध किया है। सीआईबी ने पाया कि एन्फा के पदाधिकारी मंत्रालय और राष्ट्रीय खेल परिषद की अनुमति के बिना समझौते करने, विदेश यात्रा करने और खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितताओं में लिप्त रहे हैं।