
सरकार ने वैदेशिक रोजगार में फंसे श्रमिकों के उद्धार में गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया
सरकार ने वैदेशिक रोजगार में फंसे श्रमिकों के उद्धार में बिना अनुमति चल रही गैरकानूनी संघ-संस्थाओं और समूहों की गतिविधियों पर रोक लगा दी है। वैदेशिक रोजगार विभाग ने बिना अनुमति उद्धार कार्य करना कानूनी उल्लंघन बताया है। समस्याग्रस्त श्रमिकों को विभाग या संबंधित दूतावास से सीधे संपर्क करने की अपील की गई है। १६ चैत्र, काठमांडू।
सरकार ने विभिन्न संघ-संस्थाओं के नाम पर चल रहे वैदेशिक रोजगार में फंसे श्रमिकों के उद्धार से जुड़े कामों को प्रतिबंधित किया है। श्रम, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली वैदेशिक रोजगार विभाग ने बताया कि कुछ संघ-संस्थाएं जिनका उद्धार कार्य विदेशी रोजगार में आए श्रमिकों के लिए था, वे कानूनी रूप से गलत गतिविधियों में लिप्त पाई गईं, जिसके कारण इस प्रतिबंध की घोषणा की गई।
विभाग द्वारा जारी एक सूचना में बताया गया है कि ‘वैदेशिक रोजगार ऐन २०६४’ के अनुसार, अगर किसी नेपाली श्रमिक को उद्धार की आवश्यकता हो, तो यह कार्य केवल भारत सरकार और संबंधित देश में नेपाल के दूतावास एवं कूटनीतिक मिशन के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। कुछ गैरसरकारी संस्थाएं या व्यक्ति बिना कानूनी अधिकार के श्रमिकों या उनके परिवारों को प्रभावित कर उद्धार का भ्रम फैलाते पाया गया, इसलिए विभाग ने इन कार्रवाइयों को गैरकानूनी घोषित किया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति वैदेशिक रोजगार संबंधी किसी भी सेवा या उद्धार कार्य करना कानून का उल्लंघन होगा। इस संदर्भ में विभाग ने तमाम समस्याग्रस्त श्रमिकों को सीधा विभाग या दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत उद्धार प्रयासों से श्रमिकों के जोखिम और कानूनी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।